उत्तर भारत और नेपाल के उच्च हिमालयी पर्यटक स्थलों का भ्रमण करने को करीब 87 विदेशी नागरिकों का दल 47 विंटेज कारों (पुरानी एवं विशिष्ट कार) से बृहस्पतिवार को बनबसा के रास्ते नेपाल के लिए रवाना हुआ। ये लोग पर्यटक स्थलों का दर्शन कर 13 अक्तूबर को वापस अपने वतन लौटेंगे। इस यात्रा को हिमालयन एडवेंचर टूर का नाम दिया गया है।
इंग्लैंड की हिमालयन चैलेंज कंपनी ने इस एडवेंचर टूर का आयोजन किया है। बृहस्पतिवार को ये विटेंज कारें खटीमा से बनबसा पहुंची। यहां से विदेशी पर्यटकों ने बनबसा इमिग्रेशन चेक पोस्ट पर अपने पासपोर्ट, वीजा का परीक्षण कराने के बाद नेपाल का रुख किया। इस दल में इंग्लैंड, बेल्जियम, जर्मनी, आस्ट्रिया, पोलैंड, स्विट्जरलैंड, न्यूजीलैंड, कनाडा, अमेरिका, नार्वे आदि देशों के 87 नागरिक हैं।
दल ने 21 सितंबर को दिल्ली से हिमालयन एडवेंचर टूर शुरू किया था। यह दल दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए मनाली, शिमला, सोलन, नाहन, मसूरी, देहरादून, गोचर, ऋषिकेश से नैनीताल पहुंचा। बनबसा से उक्त दल काठमांडू रवाना हुआ, जहां से वर्दिया, पोखरा होते हुए सुनौली बार्डर से आगरा पहुंचेगा।
इमिग्रेशन चेक पोस्ट अधिकारी इंद्र सिंह ने बताया कि उक्त दल में नोएडा की ली पैसेज टू इंडिया नामक कंपनी के एकमात्र भारतीय कर्मी भी शामिल हैं, जो दल को गाइड कर रहे हैं। दल के साथ चल रहे मार्क फिलिप ने बताया कि उक्त दल करीब 5000 किमी की दूरी तय करेगा। एडवेंचर रैली में वर्ष 1934 में निर्मित पुरानी वैनटले, 1955 की वोल्वो के अलावा सैवरले, वैरले, मर्सडीज जैसी कारें हैं।