चंपावत। जिले सहित राज्य के प्रत्येक शिक्षक को 50 घंटे का ऑनलाइन सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिक्षण और प्रशिक्षण कार्यों में तकनीकी महत्व के तहत यह कोर्स कक्षा एक से 12वीं तक के सभी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, प्रशिक्षक (एससीईआरटी) सीमेट, डायट के लिए अनिवार्य किया गया है। सभी शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण 31 मार्च तक पूरा किया जाना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य के सभी शिक्षकों को सीपीडी का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। इस शिक्षण प्रक्रिया में डिजिटल पेडागॉजी के महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। आधुनिक समय में प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल तकनीकी में शिक्षित होना आवश्यक है।
इसके तहत शिक्षक और प्रधानाचार्य को आधुनिक आईसीटी का ज्ञान होना अनिवार्य है। ताकि पठन पाठन में आधुनिक डिजिटल तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जा सके।
एससीईआरटी की ओर से डिजिटल तकनीकी के महत्व के दृष्टिगत सभी शिक्षकों के लिए ई-सृजन एप के माध्यम से मूक में ऐसे टूल्स शामिल किए गए हैं, जिनका उपयोग कर शिक्षक तकनीकी रूप से शिक्षण कार्य में इसका प्रयोग कर सकें। संवाद
पूर्व में नहीं लिया गंभीरता से
सीपीडी कोर्स को पूर्व में शिक्षकों ने गंभीरता से नहीं लिया। इसी को लेकर सभी खंड शिक्षाधिकारी, उपशिक्षाधिकारी, मुख्य शिक्षाधिकारी यह प्रमाणपत्र निर्गत करेंगे कि उनके ब्लॉक और जिले में सभी शिक्षकों और संस्था अध्यक्षों की ओर से उक्त कोर्स पूर्ण कर लिया है। कोर्स तय समय पर पूरा नहीं करने की स्थिति में संबंधित शिक्षक की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में इसका अंकन किया जाएगा।
यहां से लें कोर्स के संबंध में जानकारी
इस कोर्स को लेकर किसी भी जानकारी के लिए एससीईआरटी के आईटी विभाग के प्रवक्ता रमेश बडोनी के संपर्क नंबर 79066411210 और विद्या समीक्षा केंद्र हेल्पलाइन नंबर 7313633401 से संपर्क किया जा सकता है। कोर्स पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है।
कोट
राज्य सहित जिले के सभी शिक्षकों के लिए तय घंटे का ऑनलाइन कोर्स किया जाना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में सभी संस्थाध्यक्ष, प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक अपने अधिनस्थ शिक्षकों को कोर्स सीखने का प्रमाण पत्र देंगे। - मेहरबान सिंह बिष्ट, सीईओ, चंपावत।