लाई की कटाई के बाद मढा़ई की तैयारी करता काश्तकार।
- फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। कोविड-19 की महामारी के खतरे के चलते जहां ज्यादातर कारोबारी गतिविधियां ठप हैं, वहीं इसके उलट लॉकडाउन के बीच अब खेत-खलिहानों में हलचल तेज है। चंपावत जिले के मैदानी हिस्से और घाटी वाले क्षेत्रों में किसान रबी की फसल काटने में जुटे हैं। बृहस्पतिवार तक के आंकड़े के मुताबिक जिले में करीब 47 फीसदी गेहूं सहित रबी की फसल काटी जा चुकी है। काश्तकार उर्मिला, शेर सिंह, नवीन सिंह, हेम मुरारी सहित तमाम ग्रामीण रबी की अच्छी फसल से गदगद हैं। किसानों को इस बार अन्य वर्षो की अपेक्षा ज्यादा फसल की उम्मीद है। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती का कहना है कि किसान सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क पहनने सहित तमाम अन्य दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं। बावजूद इसके कृषि, उद्यान विभाग और प्रशासन भी इसके क्रियांवयन पर नजर रखे हुए हैं। चंपावत जिले में 7229 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती की गई है। आमतौर पर 11 हजार मीट्रिक टन पैदावार होती है, लेकिन इस बार ये आकड़ा सात प्रतिशत ज्यादा होने की उम्मीद है। वहीं पहाड़ में कई जगह लाही की फसल कटने के बाद मड़ाई की तैयारी शुरू हो गई है।
:: खरीफ की फसल के बीज ले सकेंगे किसान :: चंपावत। लॉकडाउन के बीच किसानों के लिए राहतभरी खबर है। उन्हें खरीफ की फसल के लिए बीज की फिक्र नहीं करनी होगी। कृषि विभाग को 7 फसलों के लिए 222 क्विन्टल के सापेक्ष 176.33 क्विन्टल बीज मिल चुके हैं। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि 100.32 क्विन्टल धान, 20 क्विन्टल मडुवा, सौवा 3, मक्का 10.01, उड़द 25 और सोयाबीन के 18 क्विंटल बीज मिल चुका है। अब किसान कृषि निवेश केंद्रों के जरिए बीज ले सकते हैं।