चंपावत। जिले में नदी नालों के संरक्षण की कवायद तेज हो गई है। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने नदी संरक्षण, संवर्द्धन योजना के तहत आयोजित बैठक में नदियों के संरक्षण के लिए चेकडैम बनाने के साथ ही पुराने क्षतिग्रस्त हो चुके पुराने चेकडैमों की मरम्मत कराने को कहा है।
उन्होंने गंडक और गौड़ी नदी के संरक्षण के लिए बनलेख के पास स्थित नर्सरी के समीप चेकडैम बनाने, नदी के किनारे शीतकालीन पौध रोपण के लिए वन विभाग को पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिला विकास अधिकारी आरसी तिवारी को आगामी बजट में नदी सरंक्षण और चेकडैमों का प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा को नदी के किनारे तालाब बन सकने वाले स्थानों को चिह्नित करने को कहा।
डीएम ने मुख्यालय में सरकारी अनुपयुक्त भूमि के चिन्हीकरण के साथ नदी के किनारे की 50 मीटर तक की भूमि का सीमांकन करने, सीवर बहाने वालों को चिह्नित करने, सिंचाई, लघु सिंचाई, वन विभाग को चेकडैमों की मरम्मत के आगणन तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट ने नगरपालिका क्षेत्र में पालतू जानवरों का पंजीकरण करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा.बीएस जंगपांगी, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, खंड विकास अधिकारी भूपाल सिंह खाती, जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, ईओ अभिनव कुमार, ईई लघु सिंचाई प्रशांत कुमार, परियोजना प्रबंधक जलागम एमएस कुंवर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सीवर बहाने वालों पर कार्रवाई को गंभीरता से लें
चंपावत। नदी-नालों में सीवर बहाने वालों पर कोई कार्रवाई न होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एक सप्ताह का सार्वजनिक नोटिस जारी करने, मकानों को चिह्नित करने के साथ नदी-नालों में सीवर न बहाने के लिए मुनादी करने के निर्देश अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार को दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग को नदी के किनारे सरकारी भूमि पर बैंच बनाने के प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा नगरपालिका को नदी तक जाने वाले रास्तों को ठीक कराने को कहा।