टनकपुर (चंपावत)।
नौ माह में चार महिलाओं को निवाला बना चुका बाघ वन विभाग की पकड़ से बाहर है। इससे जंगल से सटे गांवों में दहशत बरकरार है। बुधवार रात बूम आश्रम के सामने जंगल में बाघ की दहाड़ से लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद वन विभाग ने पूर्णागिरि मार्ग के साथ ही बूम क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
शारदा एवं बूम रेंज के जंगलों में हमलावर बाघ नौ माह के अंदर चार महिलाओं को मार चुका है। 22 नवंबर को नायकगोठ गांव निवासी महिला को बाघ द्वारा निवाला बनाने से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है। जंगल से सटे गांवों में दिन ढलते ही सन्नाटा पसर जा रहा है। लोग दिन में भी जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं। इस बीच वन विभाग की टीम अब तक हमलावर बाघ को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई है। बुधवार रात बूम आश्रम के सामने जंगल में बाघ की दहाड़ सुनाई देने से पूर्णागिरि मार्ग पर दहशत और बढ़ गई है। बूम निवासी घनश्याम दत्त भट्ट ने बताया कि देर रात करीब साढ़े नौ बजे आश्रम के सामने जंगल में बाघ की दहाड़ सुनाई दी। इतना ही नहीं उन्होंने बूम के पास श्रीकुंड के आसपास भी बाघ के पंजे के निशान होने की बात बताई है।