चंपावत। सीडीओ एसएस बिष्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह ग्रामीणों को रोजगारपरक योजनाओं का लाभ दिलाएं। कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य है। इसके लिए उन्होंने पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, कृषि, सहकारिता, जलागम, दुग्ध विभाग से तालमेल बनाने को कहा। तीन दिन के अंदर क्लस्टर निर्धारण के निर्देश दिए।
सीडीओ ने स्थानीय तिलहनी, दलहनी फसलों के प्रोत्साहन पर जोर दिया। सहकारिता विभाग को मौनपालन के लिए सीमांत के 15 गांवों के 60 लाभार्थियों के चयन, उत्पादित शहद के विपणन के निर्देश दिए। मत्स्य निरीक्षक त्रिभुवन मौर्या से पानी की उपलब्धता वाले तीन गांवों का चयन कर 12 मत्स्य तालाब बनाने के इच्छुक किसानों की सूची देने को कहा। उच्चकोटि के पॉलीहाउस बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जलागम, मत्स्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी को क्लस्टरों का चयन करने, परंपरागत उद्योगों से आजीविका चला रहे स्थानीय लोगों को टिनशेड दिलाने को कहा। बैठक में डीडीओ आरसी तिवारी, डीएचओ एनके आर्या, सीवीओ बीएस जंगपांगी, एडी सहकारिता पीएस राणा, आजीविका परियोजना प्रबंधक एसएस कुंवर सहित विभागीय अधिकारी थे।
वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
सीडीओ ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए
परंपरागत बीजों के भंडारण के लिए प्रोत्साहित करें
चंपावत। मुख्य विकास अधिकारी ने उच्चकोटि के बीजों का इस्तेमाल करने, विलुप्त हो रहे परंपरागत बीजों का भंडारण करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने कृषि, सहकारिता, परंपरागत बीज प्रोत्साहन के लिए खरीदने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को परंपरागत ढंग से खेतों की जुताई कर परंपरागत बीजों का अधिक उपयोग करने को कहा।