बनबसा (चंपावत)। पूर्व सैनिक कल्याण समिति की बैठक में टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग एनएच को सौंपने का विरोध जताया गया। कहा गया कि सामरिक दृष्टि से संवेदनशील इस मार्ग को सीमा सड़क संगठन से छीनकर एनएच को सौंपना देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। बैठक में पिछले दिनों टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर मलबा आने से 43 घंटे तक आवागमन प्रभावित होने से एनएच पर प्रश्नचिन्ह लगाया गया। कहा गया कि चीन की सीमा तक सेना को पहुंचाने वाले मार्ग की दुर्दशा राष्ट्र की सुरक्षा पर सेंध जैसी है। वर्ष 1984 में भारतीय शांति सेना में मौजूद पूर्व सैनिकों ने कई उदाहरण दिए। बताया कि एलटीटीई के ठेकेदारों ने श्रीलंका में सड़क की पुल, पुलियों आदि पर बारूद बिछा दिया था। उन्होंने सामरिक दृष्टि के महत्वपूर्ण उक्त मार्ग को सीमा सड़क संगठन को वापस सौंपने के साथ मार्ग को बेहतरीन तकनीक के साथ उच्चस्तरीय निर्माण कराने की मांग की है। समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद की अध्यक्षता में पुष्कर कापड़ी ने संचालन किया। बैठक में कैप्टन उत्तम चंद, कैप्टन एसएस खोलिया, कैप्टन चंद्रशेखर गहतोड़ी, सूबेदार बुद्दिबल्लभ पांडेय समेत कई पूर्व सैनिक थे।