जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को अन्यत्र स्थानांतरित करने की भनक लगते ही लोगों ने शुक्रवार को डायट में जाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सही सूचना नहीं मिलने पर प्राचार्य केसी शाक्य को करीब 40 मिनट तक उनके कक्ष में बंदी बना दिया। तहसीलदार और पुलिस प्रशासन के आने पर हुई वार्ता के बाद मंगलवार को फिर बैठक करने का निर्णय लिया। लोगों ने कहा कि अगर लोहाघाट डायट को मिली राशि को अन्य जगह लगाया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
डायट को अन्य जगह स्थानांतरित होने की सुगबुगाहट लगने पर पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रहलाद सिंह मेहता, पूर्व चेयरमैन भूपाल मेहता के नेतृत्व में लोग डायट पहुंचे। लोगों ने प्राचार्य से डायट संबंधी जिला प्रशासन एवं शासन से किए गए पत्राचार की जानकारी चाही, लेकिन प्राचार्य ने संबंधित बाबू के अवकाश में होने की बात कही।
आक्रोशित लोग पत्रावली दिखाने के लिए अड़ गए, लेकिन प्राचार्य ने संबंधित पत्रावली उनके पास नहीं होने की बात कही। इससे आक्रोशित लोगों ने प्राचार्य को उन्हीं के कमरे में बंधक बना दिया। आंदोलनकारियों ने करीब 12.15 बजे प्राचार्य के कक्ष में तालाबंदी की। मेहता का कहना था कि मिनी डायट को उच्चीकृत कर लोहाघाट में पूर्ण डायट का दर्जा दिया गया है। भूमि भी डायट को हस्तांतरित कर दी गई है।
इसके बावजूद प्राचार्य ने चंपावत के राकड़ी फुलारा नामक स्थान पर डायट का बहुउद्देश्यीय भवन के निर्माण की एनओसी दे दी। बाद में तहसीलदार नीलू चावला के आने पर प्राचार्य को मुक्त कराया गया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि लोहाघाट में स्थापित डायट के लिए शासन स्तर से करीब 88 लाख रुपए बहुउद्देश्यीय भवन के लिए स्वीकृत हुए थे, इसमें से 28 लाख रुपए अवमुक्त भी हो चुके हैं। लोगों का आरोप था कि प्राचार्य ने लोहाघाट के बजाय चंपावत में भवन निर्माण के लिए एनओसी दी है। इस दौरान विमल कलौनी, गिरीश राय, सीएस बगौली, गोविंद बोहरा, सचिन जोशी, नवीन बोहरा, दिनेश ढेक, सुनील चौबे आदि मौजूद थे।
हस्तांतरित हो चुकी है 146 नाली जमीन
2006 में लोहाघाट में मिनी डायट की स्थापना की गई थी, इसके लिए 2008 में यहां करोड़ों रुपए की लागत से प्रशासनिक भवन बनकर डायट को हस्तांतरित हो गया था। इसके बाद से यहां शिक्षकों के प्रशिक्षण शुरू हो गए थे। 2013 में सरकार द्वारा मिनी डायट को उच्चीकृत कर पूर्ण डायट का दर्जा दिया गया। इसके लिए 146 नाली जमीन भी डायट को हस्तांतरित कर दी गई। इसके बाद डायट को मान्यता दिए जाने के लिए एनसीटीई की टीम ने डायट का निरीक्षण किया। टीम द्वारा डायट में मानकों के अनुरूप बहुउद्देश्यीय भवन न होने के कारण मान्यता नहीं मिल सकी। इसके बाद डायट द्वारा भवन की कमी से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, इस पर शासन से डायट में बहुउद्देश्यीय भवन निर्माण के लिए 28 लाख रुपए पहली किश्त के रूप में अवमुक्त भी हो गए।
अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण की निदेशक से मिले विधायक
चांदमारी लोहाघाट में जीआईसी के पास डायट के बहुउद्देश्यीय भवन को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने के मामले में विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने शुक्रवार देर शाम अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण की निदेशक सीमा जौनसारी से मिलकर मामले की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अपर निदेशक कुमाऊं मंडल (माध्यमिक शिक्षा) को तीन सदस्यीय समिति बनाकर एक सप्ताह के भीतर जांच करने के आदेश दिए हैं।
चंपावत में बने डायट, भेजा सीएम को ज्ञापन
चंपावत विकास एवं संघर्ष समिति ने चंपावत में डायट के लिए स्वीकृत जमीन पर ही डायट के निर्माण की मांग की है। इस संबंध में समिति के संयोजक हरेंद्र बोहरा, अध्यक्ष बसंत सिंह तड़ागी, युवा मोर्चे के अध्यक्ष भूपेंद्र महर के नेतृत्व में समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। ज्ञापन देकर डायट भवनों का निर्माण शिक्षा विभाग की राकड़ी फुलारा में 81.13 नाली जमीन पर कराने की मांग की। कहा कि इस स्थान पर निर्माण नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। सीएम को भेजे ज्ञापन में छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव पांडेय, सुभाष पुनेठा, राजेंद्र गहतोड़ी, नीरज पांडेय, रजत तड़ागी, अमित पांडेय आदि के हस्ताक्षर हैं।