उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं के उमड़ने का क्रम जारी है। बुधवार को करीब 35 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। इस दौरान सुबह बूंदाबांदी के चलते श्रद्धालुओं को कुछ दिक्कत हुई। बावजूद इसके मां के डोले के साथ पैदल जत्थे पड़ावों से आगे निकले।
बुधवार को रेल से भी खासे श्रद्धालु पहुंचे। वाहनों एवं पैदल मां के जत्थों के साथ श्रद्धालु दिन में भी आते रहे। इससे बनबसा, टनकपुर पड़ाव क्षेत्रों में गहमा-गहमी रही। इस बीच दिन में भी मुख्य मंदिर में मां के दर्शन के लिए लंबी लाइन लगी। बरसात के चलते गर्मी से राहत रही। वहीं, 15 मई से टनकपुर-पीलीभीत के बीच रेल सेवा बंद होने की सूचना के चलते भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ रही है। मेला मजिस्ट्रेट नरेश दुर्गापाल ने बताया कि मेले की व्यवस्थाओं से जुड़े संबंधित विभागों के अधिकारियों को व्यवस्थाओं के प्रति गंभीर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मेले के सुरक्षा नोडल अधिकारी सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि मेला ड्यूटी में तैनात फोर्स को शार्टकट रास्तों से यात्रियों की आवाजाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर के बीच होमगार्ड जवानों को शार्टकट रास्तों से आवाजाही पर रोक लगाने के लिए तैनात किया गया है।