गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन (बीपीएल) करने वालों को कम अनाज मिल रहा है। बीपीएल कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो के स्थान पर 28 किलो अनाज दिया जा रहा है। इसे लेकर स्वांला के सामाजिक कार्यकर्ता ने आवाज उठाई है। इस संबंध में उन्होंने पूर्ति विभाग को ज्ञापन भेजा है।
स्वांला के सामाजिक कार्यकर्ता टीकाराम भट्ट ने आरोप लगाया कि जिले के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए बीपीएल कार्डधारियों को हर माह अनुमन्य 35 किलो खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। इसके स्थान पर गरीबों को मात्र 28 किलो अनाज दिया जा रहा है। साथ ही गल्ला विक्रेताओं को भी गोदाम से तौल कर राशन नहीं दिया जा रहा है। इस कारण उपभोक्ताओं को राशन का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जिले में पूर्व में बीपीएल राशनकार्ड धारकों की संख्या शासन द्वारा आवंटन कार्डों से अधिक बन गई थी। 14518 बीपीएल कार्डों के सापेक्ष इस श्रेणी के 17008 राशनकार्ड बने थे। इन सभी कार्डों को अनाज देने के कारण प्रति कार्ड 35 किलो के सापेक्ष 28 किलो दिया जा रहा है। अलबत्ता नई खाद्यान्न व्यवस्था लागू होने के बाद ये विसंगति दूर हो जाएगी। -एसएल आर्या, जिला पूर्ति अधिकारी, चंपावत।