चंपावत। जिले में शराब की बिक्री और उससे मिलने वाले राजस्व में भारी इजाफा हो रहा है। चंपावत जिले में बीते वित्तीय वर्ष 2022-23 में 34 हजार लोग 211 करोड़ रुपये की शराब पी गए। नये वित्तीय वर्ष 2023-24 में चंपावत जिले में ही शराब से 12.28 प्रतिशत राजस्व ज्यादा मिलने की उम्मीद है।
जिला आबकारी अधिकारी तपन कुमार पांडेय ने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष में जिले की शराब की सात विदेशी और आठ देशी दुकानों से 64.45 करोड़ का राजस्व मिलेगा। ये राशि 2022-23 के लक्ष्य 57.40 करोड़ से 7.05 करोड़ रुपये ज्यादा है। पिछले साल जिले में शराब की 3520575 बोतलें बिकीं। विभाग के अनुमान के मुताबिक जिले के 34 हजार से अधिक लोगों की ओर से शराब की खरीदारी करने से 211 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हुए। राजस्व बढ़ने और शराब की कीमतों में कमी के चलते 2023-24 में जिले में 240 करोड़ से अधिक शराब की बिक्री होगी। संवाद
आठ साल में 153 प्रतिशत राजस्व बढ़ा
चंपावत जिले में 2015-16 में शराब से 25.44 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। जो 2023-24 में बढ़कर 64.45 करोड़ तक पहुंच गया। आठ साल में शराब से मिलने वाले राजस्व में 39.01 करोड़ रुपये (153.34 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है।
नशाखोरी पर अंकुश लगाने को चलाए जा रहे अभियान
चंपावत। नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए रैली, गोष्ठी और अन्य जागरूकता कार्यक्रम से लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए वर्ष 2021-22 से नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत दस लाख रुपये विभाग को आवंटित हुए थे लेकिन तीन साल में भी यह राशि खर्च नहीं हो सकी। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत का कहना है कि आठ लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
जिले में नशाखोरी को कम करने के लिए सरकारी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के अलावा नशा विरोधी संगठनों के साथ मिलकर प्रशासन संयुक्त अभियान चलाएगा। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम जन जागरूकता है।
- नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।