चंपावत। जिले में प्राधिकरण लागू होने के बाद दिन प्रतिदिन दिक्कतें सामने आ रही हैं। प्राधिकरण के बाद अब तक 100 नक्शे ही पास हो पाए हैं। जियोलिस्ट नहीं होने के कारण 38 नक्शे पेंडिंग हैं। नक्शे पास नहीं होने से लोगों को भवन निर्माण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में लंबे समय से जियोलिस्ट नहीं होने के कारण प्राधिकरण में नक्शे पास नहीं हो पा रहे है। नक्शे पास करवाने के लिए लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे है। छह-सात महीने बीत जाने के बाद भी नक्शा तैयार नहीं हो पा रहा है। लोगों को भवन निर्माण करने के लिए एनएच, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग से एनओसी लेनी पड़ रही है। आर्किटेक्ट से भवन का नक्शा बनवा कर भी प्रशासन से फाइल पास करानी पड़ रही है। नक्शों का बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार न बने होने से आपत्ति लग रही है।
भू वैज्ञानिक के पास तीन जिलों का है चार्ज
चंपावत। भू वैज्ञानिक के पास तीन जिलों को चार्ज होने से प्राधिकरण में नक्शे पास करना मुश्किल हो गया है। चंपावत के लिए भू वैज्ञानिक लेखराज को चुना गया है। इनके पास अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल का चार्ज पर है।
प्राधिकरण में लोग नक्शों को बिल्डिग बायलॉज के अनुसार नहीं बना रहे है। इसके चलते नक्शों को पास करने में दिक्कत हो रही है। नक्शे को बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार बनाने पर ही पास किया जा रहा है।
लेखराज, भू वैज्ञानिक, चंपावत।