चंपावत। भिंगराड़ा क्षेत्र के खरही मे चल रही श्री कृष्ण लीला मंचन को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्री कृष्ण लीला में कारागार में देवकी और वसुदेव के प्रथम शिशु के जन्म का मंचन किया गया। जिसमें वसुदेव का देवकी से पुत्र मांगना, लेकिन देवकी के रुदन करने के पश्चात वसुदेव के द्वारा देवकी से झपट कर पुत्र को ले जाना और कंस को सौंपना, लेकिन मंत्री की सलाह से कंस पुत्र को वापिस कर देने की लीला का मंचन किया गया।
इसके अलावा कंस के क्रोधित होने तथा अपने प्रभु भक्त पिता उग्रसेन के बहुत समझाने पर उल्टा क्रोधित होकर पिता को ही मारना चाहता है। मगर मंत्री के आग्रह से कंस अपने पिता उग्रसेन को लात मारकर राजगद्दी से उतारकर स्वयं राजगद्दी पर बैठ जाता है। वसुदेव का अभिनय देवकीनंदन शर्मा, देवकी का बिट्टू बोहरा, कंस का भास्कर भट्ट, मंत्री का चंद्रशेखर, नारद का नवीन सिंह, जल्लाद का हिमांशु और प्रकाश, उग्रसेन का अभिनय दुर्गानाथ ने किया।