टनकपुर (चंपावत)। सोमवार की सुबह बस्तिया गांव में घुसे एक हाथी के घुस आने से गांव में अफरातफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाकर हाथी को भगाने की प्रयास किया तो हाथी उग्र होकर लोगों पर हमले की कोशिश करने लगा। दो काश्तकारों की फसल व फलदार वृक्षों को तबाह करने के बाद हाथी ने जंगल की ओर रुख किया।
हाथी के हमलावर तेवरों से ग्रामीणों में खासी दहशत बनी हुई है। उन्होंने वन विभाग व प्रशासन से जल्द सुरक्षात्मक कदम उठाने की गुहार लगाई है।
आमतौर पर कहा जाता है कि हाथी पहाड़ नहीं चढ़ता लेकिन बस्तिया गांव में हाथी की दस्तक से यह कहावत झूठी साबित हो रही है। सोमवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे एक हाथी अचानक बस्तिया गांव में घुस आया। गांव के बीच खेतों में हाथी को देख ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया, लेकिन विभाग की टीम तब पहुंची जब हाथी फसल को नुकसान कर जंगल की ओर चला गया।
गांव के समाजसेवी हरीश लापड़ ने बताया कि शोर मचाने पर उक्त हाथी हमलावर तेवर में दिखा रहा था। हाथी ने दीवान राम और राम सिंह सामंत की गेहूं की फसल व केले के पेड़ों को नष्ट किया है। गांव में हाथी की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है।