चंपावत। इस साल के मां पूर्णागिरि धाम में सरकारी मेला शुरू होने में अब 19 दिन शेष हैं। आयोजक संस्था जिला पंचायत ने मेले की तैयारी तेज कर दी है। करीब एक सप्ताह में मेले की व्यवस्थाओं से संबंधित तमाम ठेके करा लिए जाएंगे। 12 फरवरी को मेला क्षेत्र की बिजली संबंधी ठेके होंगे। ठेके की शर्त में आंशिक संशोधन किया गया है।
इस बार मां पूर्णागिरि धाम में मेला तीन मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार ने बताया मेला क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था के लिए निविदाएं जिला पंचायत सभागार में सोमवार अपराह्न तीन बजे तक डाली जा सकेंगी। एक घंटे बाद निविदाएं खोली जाएंगी।
इस बार निविदा की में तीन माह के पहाड़ी क्षेत्र के अनुभव की शर्त नहीं होगी। अलबत्ता मेले का दस साल का अनुभव होना जरूरी है। गौरतलब है कि 2000 में राज्य बनने के बाद से मां पूर्णागिरि धाम मेले की प्रकाश व्यवस्था का ठेका उत्तर प्रदेश की एक ही कंपनी को मिलते रहा है।
इसके अलावा बिजली ठेके के साथ ही अस्थाई रूप से बनने वाले आवासीय टिन शेड का ठेका कराने को लेकर भी अंगुलियां उठती रही है। मां पूर्णागिरि धाम मंदिर सुधार समिति के पूर्व अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी सहित क्षेत्र के कई पुजारियों ने बिजली व्यवस्था के ठेके में दस साल के अनुभव की शर्त हटाने, ठेके को चार हिस्सों में बांटने के साथ ही आवासीय टिन शेड के ठेके अलग कराने का आग्रह किया था। ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके, मगर इन दोनों शर्तो को नहीं माना गया। एएमए राजेश कुमार का कहना है कि बिजली के ठेकों को चार हिस्सों में करने से व्यावहारिक दिक्कत होती है। तालमेल की कमी से 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने में समस्या आ सकती है।
मेला क्षेत्र में इस माह लग जाएगा ट्रांसफार्मर
मां पूर्णागिरि धाम मेला क्षेत्र में लो-वोल्टेज दूर करने के लिए बिजली विभाग ट्रांसफार्मर लगा रहा है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड चंपावत खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार मौर्या का कहना है कि लो-वोल्टेज से निपटने के लिए मुख्य मंदिर के करीब 100 केवी के ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। ये ट्रांसफार्मर इस माह के अंत तक लग जाएगा।
अब 15 फरवरी को होगी मुंडन संस्कार की बोली
2018 के मां पूर्णागिरि धाम मेले के लिए मुंडन संस्कार कार्य के लिए 13 फरवरी को प्रस्तावित आम बोली की तिथि को संशोधित किया गया है। अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवकाश के चलते अब 13 फरवरी को प्रस्तावित मुंडन संस्कार की बोली को 15 फरवरी को रखा गया है। बोली की समूची प्रक्रिया जिला पंचायत सभागार में मध्यान्ह 12 बजे से होगी। मान्यता है कि धार्मिक स्थल में बच्चों के मुंडन संस्कार कराने से दीर्घ जीवन, बुद्धि, बल व यश की बढ़ोत्तरी होती है। बता दें कि मुंडन संस्कार से होने वाली बोली से जिला पंचायत को सर्वाधिक आय होती है। 2017 में पंचायत की 1.55 करोड़ रुपये आय में से 56.55 लाख रुपये अकेले बाल मुंडन से मिले थे।
वर्ष बाल मुंडन से प्राप्त राजस्व
(लाख रुपये में)
2011 21.62
2012 40.02
2013 21.62
2014 70.20
2015 42.50
2016 44.50
2017 56.55