टनकपुर/चंपावत। चंपावत जिले का सबसे पुराना औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) टनकपुर में हैं।
तब नैनीताल जिले का हिस्सा रहे टनकपुर में 1979 में आईटीआई खुला। 100 से अधिक छात्र संख्या वाला यह जिले का अकेला संस्थान है, लेकिन इसमें भी सभी ट्रेड नहीं चल रहे हैं। यहां स्वीकृत सात ट्रेडों में वर्तमान में दो ट्रेड बंद हैं।
टनकपुर आईटीआई में उत्तराखंड राज्य बनने से पूर्व तक छात्र संख्या 400 से अधिक थी। लेकिन इसके बाद यहां छात्र संख्या लगातार कम होती रही। इस वक्त यहां मात्र 123 छात्र पढ़ रहे हैं। छात्रों की संख्या में गिरावट की बड़ी वजह राज्य बनने के बाद जिले में पांच नए आईटीआई का खुलना रही। आईटीआई में सात ट्रेड हैं, लेकिन इनमें से दो ट्रेड अभी संचालित नहीं हो रही है।
वायरमैन, मोटर मैकेनिक, इलैक्ट्रिशियन, कंप्यूटर और फीटर ट्रेड की पढ़ाई चल रही है। अनुदेशक न होने से हेयर एंड स्किन केयर और फैशन डिजाइनिंग टैकभनोलॉजी ट्रेड बंद हैं। संस्थान में मोटर मैकेनिक सहित अन्य ट्रेडों की कार्यशाला ठीकठाक हाल में है। उपनल से तैनात दो अनुदेशकों सहित यहां कुल 11 अनुदेशक हैं। मगर जिले के सबसे बड़े संस्थान में भी सभी ट्रेड संचालित नहीं हो पा रहे हैं। हेयर एंड स्किन केयर और फैशन डिजाइनिंग टैक्रोलोजी के ट्रेड बंद हैं।
जिले का नोडल आईटीई है टनकपुर
1997 में चंपावत जिले के निर्माण के बाद से टनकपुर आईटीआई जिले की विभिन्न प्रशिक्षण संस्थान का नोडल कार्यालय बना। लेकिन खुद इस नोडल आईटीआई की तस्वीर चमकदार नहीं है। इस समय टनकपुर के अलावा जिले के सात अन्य आईटीआई की व्यवस्था और निगरानी का काम इसी संस्थान का है।
कोट
टनकपुर आईटीआई में इस वक्त हेयर एंड स्किन केयर ट्रेड अनुदेशक नहीं होने से बंद है। वहीं फैशन डिजाइनिंग टैक्रोलोजी ट्रेड छात्रों के कम प्रवेश के चलते संचालित नहीं हो पा रहा है। अनुदेशक के रिक्त पद को भरने के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जा रहा है। -आरएस बिष्ट, प्रभारी, आईटीआई टनकपुर।