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ककराली बीट से किचैल के जंगल में गया हमलावर बाघ

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शारदा और चंपावत रेंज के जंगल में तीन महिलाओं को निवाला बना चुका बाघ अब भी इसी क्षेत्र में है, लेकिन बाघ विभाग के पिंजरों में कैद नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को वन विभाग की गश्ती टीम को ककराली बीट से किचैल के जंगल में जाते बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। किचैल का जंगल पूर्णागिरि मार्ग से लगा है। अब पूर्णागिरि मार्ग के गांवों में बाघ का खतरा बढ़ गया है। बाघ के इस मूवमेंट पर विभाग ने पूर्णागिरि मार्ग पर गश्त बढ़ाने के साथ ही ग्रामीणों से जंगल में न जाने की अपील की है।
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चार माह के भीतर क्षेत्र के जंगलों में बाघ के हमले से तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद से वन विभाग बाघ को पकड़ने की कोशिश में जुटा है। बाघ का मूवमेंट पता लगाकर उसे पकड़ने के लिए शारदा और बूम रेंज के जंगल में सीसी कैमरे और पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन विभाग की सारी कोशिश नाकाम साबित हुई है। बाघ अब भी शारदा और बूम रेंज के जंगल में घूम रहा है। शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि शुक्रवार को गश्त पर गई विभाग की टीम को ककराली बीट से किचैल के जंगल की ओर जाते बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। उन्होंने बताया कि बाघ के मूवमेंट का पता चलने के बाद पूर्णागिरि मार्ग से लगे जंगल में गश्त बढ़ा दी गई है। इधर, बताया गया कि शुक्रवार की सुबह बस्तिया से करीब आधा किमी ऊपर किसी वाहन चालक को एक तेंदुए भी सड़क पार करते दिखाई दिया है।
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