चंपावत में एक्सपायरी शराब नष्ट करते कर्मचारी।
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आबकारी विभाग की ओर से गोदामों में विभिन्न कारणों से डंप बेकार हो चुकी अंग्रेजी शराब और बियर की पेटियों को नष्ट किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ललुवापानी रोड में बनाए गए टंचिंग ग्राउंड में अंग्रेजी शराब की 260 और बियर की 200 पेटियां नष्ट की गई। एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, जिला आबकारी अधिकारी दीपाली साह, सीओ प्रयाग सिंह कफलिया, आबकारी निरीक्षक भरत प्रसाद के अलावा राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों ने पीआरडी जवानों के सहयोग शराब और बियर की बोतलों को नष्ट किया। नष्ट की गई शराब की कीमत 15 लाख 64 हजार रुपए है। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि वर्ष 2005 के बाद बिक्री से बच गई शराब के अलावा सैंपलिंग में फेल हुई शराब और बियर के अलावा ऐसे ब्रांडों को भी नष्ट किया गया जो अब उत्तराखंड में चलन में ही नहीं है। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक विनोद वर्मा, उप निरीक्षक सुंदर सिंह नेगी आदि भी मौजूद रहे।
टूटे कांच से दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन
आबकारी विभाग ने जिस स्थान पर शराब नष्ट की वहां पर पालिका द्वारा कूड़ा डंप किया जाता है। इस स्थान पर जानवर घूमते रहते हैं और कूड़ा खाते हैं। शराब की बोतलें एक पत्थर पर फेंक कर नष्ट की गई। अगर कांच चुभने से किसी जानवर की मौत हो गई या फिर कूड़े के साथ कांच पेट में चले जाने से किसी जानवर की मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।