नेपाल से महिलाओं के साथ ही बालकों की तस्करी भी होने लगी है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने ऐसे ही 24 बालकों को पकड़कर नेपाल पुलिस के सुपुर्द किया है, जिन्हें नेपाल से बालश्रम कराने के लिए भारत लाया जा रहा था।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) प्रभारी एसआई मंजू पांडे, एचसी लक्ष्मण चंद, गणेश सिंह बिष्ट, मुन्ना सिंह बनबसा बार्डर पर निगरानी ड्यूटी पर थे। इसी बीच नेपाल से भारत आ रहे वाहन की चेकिंग की गई तो उसमें 20 नेपाली नाबालिग बालक बैठे मिले। एएचटीयू कर्मियों ने उनसे अलग-अलग पूछताछ की तो मामला बालश्रम का निकला। नेपाली बालकों को कहां जाना है, इसका भी पता नहीं था। उन्होंने बताया कि किसी नेपाली व्यक्ति ने उन्हें रुद्रपुर में मिलने को कहा था।
एएचटीयू कर्मियों ने उक्त बालकों को नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अन्य दूसरी घटना में एक वाहन में नेपाल से भारत आ रहे 4 नाबालिग नेपाली बालकों को रोककर पूछताछ की तो मामला मानव तस्करी का प्रतीत हुआ। इस पर एएचटीयू कर्मियों ने उक्त चारों नेपाली बालकों को नेपाली संस्था मईते के सुपुर्द कर दिया। बता दें कि इन दिनों नेपाली ठेकेदार रोपाई आदि के लिए बड़ी संख्या में नेपाली मजदूरों को भारत ला रहे हैं, जिनमें बाल श्रमिक भी हैं।