उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी (उजाला) भवाली के 23 प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों ने शनिवार को यहां दौरा किया। कलक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी जसवंत सिंह राठौर ने व्यवस्थागत जानकारियां दी। बताया कि चंपावत जिले में रेग्युलर पुलिस के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व पुलिस कानून-व्यवस्था का संचालन करती है। 2013 बैच के प्रांतीय न्यायिक सेवा (पीसीएस-जे) के इन अधिकारियों को आपदा प्रबंधन, एनआईसी, विकास भवन आदि के काम करने के ढंग की बेसिक जानकारी भी दी गई।
एडीएम राठौर ने गोरल देव मंदिर, बालेश्वर, मां पूर्णागिरि धाम, देवीधुरा, मायावती आश्रम, राजबुंगा, बाणाुसरा का किला, एबटमाउंट, एकहथिया नौला सहित जिले के विभिन्न एतिहासिक और धार्मिक स्थलों की जानकारी दी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने बताया कि पहाड़ में भूस्खलन, मार्ग बंद होने के अलावा मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में बाढ़ का मुख्य रूप से खतरा रहता है। इससे निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील जगहों में हर वक्त मुस्तैद रहती हैं।
उजाला के निदेशक योगेश कुमार गुप्ता ने बताया कि हाईकोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों के स्थलीय भ्रमण और प्रशिक्षण कार्यक्रम से न्यायिक मामलों में सुगमता तथा स्पष्टता आएगी। भौगोलिक हालातों की जानकारी से मुकदमों की सुनवाई के दौरान गवाहों को सफर में होने वाली परेशानियों को समझने में भी मदद मिलेगी।
इस मौके पर एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, डीडीओ विवेक उपाध्याय, एपीडी केएन तिवारी के अलावा प्रशिक्षण दल के प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी आशुतोष तिवारी, मीना चावला, तिस्ता शाह, आफिया मतीन, अमित कुमार, आलोक राम त्रिपाठी, रवींद्र देव मिश्रा, रवि राजन, कपिल कुमार, अभय सिंह, ममता पंत, अनामिका आदि मौजूद थे।