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दूसरी बार छापे में गायब मिले 23 कर्मचारी

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चंपावत जिले में 28 सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में मारे गए छापे में 23 कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने गैर हाजिर कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही वेतन रोकने के वरिष्ठ कोषाधिकारी एचपी गंगवार को निर्देश दिए हैं।
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जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नंदाबल्लभ बचखेती ने बताया कि जिला स्तर पर गठित औचक निरीक्षण टीम ने आठ फरवरी को 28 सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थान में शाम को विभिन्न अधिकारियों ने छापे मारे। इस दौरान 23 कर्मी अनुपस्थित, 31 अवकाश पर और 233 कार्यालय में मिले। इससे पूर्व पहली फरवरी को हुए औचक मुआयने में भी 27 कर्मी गैर हाजिर मिले थे।
अनुपस्थित मिले कर्मियों में चंपावत खंड विकास कार्यालय में जूनियर इंजीनियर बीआर आर्या, सेवायोजन विभाग में कैलाश सामंत, चंद्रशेखर जोशी, सीएमओ कार्यालय के दीपक रावत, एएस तोमर, इंद्रजीत, बचत विभाग में देवकी नंदन, डीपीआरओ कार्यालय में दिनेश चंद, रोहित वर्मा, उद्यान विभाग में त्रिभुवन अधिकारी, पशुपालन विभाग में घनश्याम बाल्मिकी, घनश्याम बिष्ट, अंकित कुमार, सहायक निबंधक कार्यालय में राम किशोर सुमन, निर्वाचन विभाग में निखिल, पूर्ति विभाग में मुन्नी देवी, हेम कुमार, भुवन भट्ट, पाटी ब्लाक कार्यालय में एडीओ रंजीत लाल, गोपाल राणा, आशा देवी, बीईओ कार्यालय में राघवेंद्र यादव और उप शिक्षाधिकारी कार्यालय में दिनेश भट्ट शामिल थे।
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मुआयना करने वाले अधिकारियों में मुख्य विकास अधिकारी टीएस मर्तोलिया, जिला विकास अधिकारी एसके पंत, सहायक परियोजना अधिकारी विम्मी जोशी, पाटी की तहसीलदार प्रियंका रानी, डीईओ डीएस राजपूत, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता दीपक चंद्र कांडपाल आदि अधिकारी शामिल थे।
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