लोहाघाट (चंपावत)। आदर्श जीजीआईसी में शिक्षिकाओं की कमी से छात्राएं दूसरे स्कूलों में जाने को मजबूर हो रहीं हैं। पिछले साल की 543 की छात्राओं की संख्या की तुलना मेें इस बार 54 छात्राएं कम हो गई हैं। मजबूरी में अभिभावक शिक्षक संघ (पीटीए) ने अपने स्तर से दो प्रवक्ताओं और एक चौकीदार की तैनाती की है।
जीजीआईसी को आदर्श विद्यालय का दर्जा मिले दो साल से ज्यादा हो गए हैं। इन दो वर्षों में कभी स्टाफ पूर्ण नहीं हो सका। इंटर में हिंदी, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, गृह विज्ञान के प्रवक्ताओं के और एलटी में अंग्रेजी व सामान्य शिक्षक का पद लंबे समय से रिक्त है।
कनिष्ठ लिपिक, स्वच्छक और रात्रि चौकीदार भी नहीं हैं। प्रधानाचार्य मीना शुक्ला का कहना है कि शिक्षिकाओं के पद खाली होने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया गया है।
एमडीएम कक्ष भी नहीं
मध्याह्न भोजन योजना कक्ष नहीं होने से छात्राएं खुले में भोजन करती हैं। बारिश के दौरान छात्राओं को अपने-अपनी कक्षाओं में ही भोजन करना होता है। स्कूल के चारों तरफ कोई बाउंड्री वॉल भी नहीं है।
बस रंग-रोगन कर कॉलेज को चमका दिया
पीटीए अध्यक्ष गोपाल सिंह ढेक का कहना है कि जीजीआईसी को आदर्श विद्यालय के नाम पर रंग-रोगन कर चमकाया तो गया है, मगर यहां मानकों के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती की ओर ध्यान नहीं दिया गया है। इससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।ई प्रभावित हो रही है।