चंपावत। जिला मुख्यालय में मंगलवार को लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर आयोजित समाज कल्याण विभाग के शिविर में दिव्यांग को वितरित किए गए कृत्रिम अंग टूटने के मामले को भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एल्मिको) कानपुर ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एल्मिको) कानपुर ने इस मामले में निगम के सहायक प्रबंधक को फटकार लगाई है। प्रभावित को तत्काल राहत पहुंचाने का फैसला लिया है।
गोरलचौड़ मैदान में मंगलवार को आयोजित शिविर में जिले के तल्लादेश निवासी दिव्यांग आन सिंह को प्रदेश की महिला विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या की ओर से कृत्रिम पैर प्रदान किया गया था। लेकिन यह कृत्रिम पैर इतना घटिया था कि यह दिव्यांग के कृत्रिम पैर न सिर्फ कुछ ही देर में टूट गया, बल्कि कृत्रिम पैर के टूटने से दिव्यांग की जान पर भी बन आई थी।
जब कृत्रिम अंग पैर पहन कर दिव्यांग गोरलचौड़ मैदान से कुछ ही दूरी पर स्थित बाजार में पहुंचा तो कृत्रिम अंग बीच बाजार में ही टूट गया।
कृत्रिम अंग टूटने संबंधी खबर को अमर उजाला के बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबर प्रकाशित होने के बाद न सिर्फ जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग हरकत में आया, बल्कि एल्मिको कानपुर ने भी मामले का संज्ञान लिया है। एल्मिको के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डीआर सरीन ने बताया कि इस मामले में निगम के सहायक प्रबंधक डॉ.अरूण मिश्रा को फटकार लगाई गई है। बताया कि इस मामले में प्रभावित दिव्यांग को 11 नवंबर को जिले के रीठासाहिब में लगने वाले दिव्यांग शिविर में प्राथमिकता के आधार पर कृत्रिम पैर मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी तरफ मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए समाज कल्याण अधिकारी बंशीधर पंत को निर्देशित किया। डीएम के निर्देश पर समाज कल्याण अधिकारी की ओर से एल्मिको कानपुर को ई मेल भेजा गया। समाज कल्याण विभाग के अनुसार एल्मिको के प्रबंध निदेशक ने प्रभावित दिव्यांग को तत्काल राहत पहुंचाने का फैसला लिया है।
एक साल पूर्व ले ली गई थी कृत्रिम पैर की नाप
चंपावत। जिला समाज कल्याण अधिकारी बंशीधर पंत ने बताया कि दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरण किए जाने में विभाग की भूमिका केवल मध्यस्थ की होती है। एल्मिको की ओर से चयनित दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरणों के लिए पहले नाप जोख की जाती है और उसके कुछ समय बाद उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इस मामले में भी एल्मिको की ओर से एक वर्ष पूर्व 21 नवंबर को आयोजित शिविर में संबंधित दिव्यांग के कृत्रिम पैर की नाप ली गई थी।
एल्मिको की ओर से मुफ्त में दिए जाते हैं उपकरण
चंपावत। एल्मिको की ओर से दिव्यांगों को सहायक उपकरणों का वितरण मुफ्त में किया जाता है। एल्मिको वर्ष 1972 से विकलांगों के लिए सहायक उपकरण जैसे बैसाखी, कृत्रिम पैर, हाथ, ट्राइसाइकिल, मोटर ट्राइसाइकिल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र आदि बनाए जा रहे हैं। एल्मिको के मुफ्त उपकरण बांटने के शिविर पूरे देश में लगाए जाते हैं। इसके अलावा सर्व शिक्षा अभियान के तहत छह से 14 साल के दिव्यांग बच्चों के लिए भी सहायक उपकरण तैयार किए जाते हैं।