चंपावत/लोहाघाट। सोमवार को धनतेरस है। मगर एक दिन पहले रविवार को यहां बाजार में खास उमंग नहीं थी। ज्यादातर बाजार सन्नाटे में डूबे रहे। इसके चलते ज्यादातर व्यापारियों में मायूसी नजर आई। वहीं मिट्टी के दीप, खिले-बतासे, मिठाई लाए बाहर से आए व्यापारी भी दिनभर ग्राहकों का ही इंतजार करते रहे।
साप्ताहिक बंदी का दिन होने के बावजूद रविवार को बाजार खुले रहे, पर बाजार में ग्राहकों की कमी से इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन, जनरल स्टोर, बर्तन की दुकान सहित ज्यादातर जगह खासी मंदी नजर आई। चंपावत में बिजली की मालाएं इस बार काफी ऊंचे दाम पर बिक रहे हैं। चंपावत के मॉल के स्वामी कमल राय का कहना है कि बाजार में पूर्व के वर्षों की तरह तेजी नहीं थी। अलबत्ता धन तेरस में इसकी भरपाई की उम्मीद जताई जा रही है। लोहाघाट बाजार में भी चहल-पहल गायब रही।
77 पटाखा विक्रेताओं को मिली अनापत्ति
लोहाघाट नगर के जवाहर पार्क में पटाखों की दुकानें सजाई गई हैं, लेकिन यहां भी पटाखे विक्रेता ग्राहकों के इंतजार में दिनभर खाली बैठे रहे। फायर स्टेशन के प्रभारी मोहन सिंह थापा ने बताया कि अब तक लोहाघाट में 40 और चंपावत में 37 लोगों को विभाग ने आतिशबाजी की बिक्री के लिए अनापत्ति दी है। दावा किया कि आगजनी से निपटने के लिए फायर सर्विस पुख्ता बंदोबस्त कर लोगों को जागरूक कर रहा है।