बनबसा (चंपावत)। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के कर्मियों ने परिवार से बिछड़े एक किशोर को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एएचटीयू प्रभारी उत्तम सिंह (निरीक्षक), एचसी लक्ष्मण चंद और कांस्टेबल मुन्ना सिंह ने भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल की ओर से रोते हुए एक किशोर को आते देखा।
उसे रोककर पूछताछ करने पर उसने परिजनों से बिछड़ना बताया। किशोर ने अपना नाम वीरेंद्र पाल पुत्र बसंत पाल निवासी ग्राम ज्वार पुरवा जिला बाराबंकी यूपी बताया। उसने बताया कि वह अपनी मां और गांववालों के साथ पूर्णागिरि मंदिर आया था। यहां से वह बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को महेंद्रनगर नेपाल गए थे। वापसी में वह मां और गांववालों से बिछड़ गया। एएचटीयू कर्मियों ने उसकी मां बिंदेश्वरी देवी और गांववालों को कैनाल कॉलोनी से गढ़ीगोठ जाने वाले मार्ग पर जाते देखा। वीरेंद्र के उन्हें पहचाने पर उसे उनके सुपुर्द कर दिया।