चंपावत। बाराकोट विकासखंड में जंगलों को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग आग बुझाने में मददगार और आग लगाने वालों को पकड़वाने में मददगार ग्रामीणों को प्रोत्साहित करेगी।
ब्लाक प्रमुख निर्मल महरा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई गोष्ठी में जंगलों को आग से बचाव के लिए उठाए कदमों की जानकारी दी गई। काली कुमाऊं के वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी ने कहा कि विभाग ने दावाग्नि से निपटने के लिए भरपूर इंतजाम किए हैं। कहा कि जंगलों को आग से बचाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों को पकड़वाने अथवा गुपचुप जानकारी देने वाले को भी इनाम दिया जाएगा।
लोहाघाट के थानाध्यक्ष बीएस बृजवाल ने कहा कि फायर लाइन काटने के लिए पर्याप्त उपकरण जरूरी है। खंड विकास अधिकारी पीएस रावत, कमला अधिकारी, लक्ष्मीदत्त जोशी, दीवानी राम, केशव दत्त, कृष्ण सिंह, भवान सिंह, हरीश चंद्र गड़िया , अनुभाग अधिकारी उत्तमनाथ, वन बीट अधिकारी गिरीश जोशी आदि ने सुझाव दिए।
ब्लाक वनाग्नि गोष्ठी में च्यूरा पिराई मशीन एवं रेंज कार्यालय की दो पिरुल से कोयला बनाने वाली मशीनों का संचालन, स्वयं सहायता समूह तथा विकासखंड द्वारा वन विभाग से सहयोग लेकर कार्य करने पर सहमति बनी। ब्लाक प्रमुख ने ग्रामीणों और नुमाइंदों की ओर से आग की रोकथाम में हर मुमकिन सहयोग का भरोसा दिलाया।
फायर सीजन आज से, चाक-चौबंद तैयारी का दावा
चंपावत। वन विभाग का फायर सीजन 15 फरवरी से शुरू होगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी कुबेर सिंह बिष्ट ने बताया कि ग्राम अग्नि सुरक्षा समिति की बैठकों के जरिए ग्रामीणों को आग से बचाव करने के प्रति जागरूक किया गया है। संवेदनशील व अन्य जरूरी क्षेत्रों में क्रू स्टेशन बनाए जा चुके हैं। फायर वॉचरों की तैनाती की जा रही है। अति संवेदनशील क्षेत्रों में खास सतर्कता बरती गई है। आग से बचाव के लिए इस साल 1.23 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
चंद्रशेखर