लोहाघाट (चंपावत)। अद्वैत आश्रम मायावती में स्वामी विवेकानंद की 155वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान यहां भजन, कीर्तन, भंडारा हुआ। इसमें लोहाघाट, चंपावत, पिथौरागढ़ आदि स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विश्व प्रसिद्ध मासिक पत्रिका प्रबुद्ध भारत के संपादक स्वामी नरसिंहानंद ने आश्रम के उस स्थान पर प्रवचन किया, जहां स्वामी विवेकानंद ने मायावती प्रवास के दौरान 15 दिनों तक ध्यान किया था।
उन्होंने कहा कि आज पाश्चात्य संस्कृति हमारे समाज में पैर पसारती जा रही है, लोगों को अपनी पुरातन सांस्कृतिक धरोहर बचाने के लिए स्वयं आगे आना होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं को स्वामी के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। भंडारा भी हुआ। इसमें विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया। इस दौरान स्वामी वाणीस्वरानंद, स्वामी एकदेवानंद, स्वामी दिव्यकृपानंद, स्वामी दुर्गेशानंद, कीर्ति बगौली, त्रिभुवन उपाध्याय, शेखर पुनेठा, सीता देव, कमला देव, शांति वर्मा, देवकी फत्र्याल, विमला मेहरा आदि थे।