चंपावत। प्रदेश की मंत्री व जिले की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने कलक्ट्रेट में हिमालय को बचाने के लिए सामुहिक रूप से प्रयास करने पर जोर दिया। हिमालय दिवस पर पलायन, आजीविका व आपदा विषय पर हुई गोष्ठी में उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग से हिमालय क्षेत्र में हो रहे जलवायु परिवर्तन को इंसानी अस्तित्व के लिए बड़ी चुनौती बताया। कहा कि हिमालय को बचाने के लिए हर नागरिक को सजग रहकर सामाजिक दायित्वों को निभाना होगा।
मंत्री ने बायफ तथा एसबीआई के सीएसआर फंड से काम कर रही संस्थाओं को आसानी से उपलब्ध स्थानीय आर्गेनिक उत्पादों को कार्ययोजना में शामिल करने को कहा। कहा गया कि प्राकृतिक आपदाओं पर नियंत्रण मुमकिन नहीं है, मगर जलवायु परिवर्तन पर अंकुश लगाकर काफी हद तक प्राकृतिक आपदाओं को रोका जा सकता है। हर नागरिक को आपदा के समय व आपदा के बाद बरती जाने वाली सावधानियों व कार्यों की बुनियादी जानकारी जरूरी है।
यूएसए में इंजीनियर डॉ.जोगेंद्र, रघुवर दयाल मुरारी, चाय बोर्ड के चंपावत प्रभारी डेसमंड आदि ने कृषि व आजीविका के जरिये हिमालय को संरक्षित करने की बात कही। गोष्ठी में डीएम डॉ.अहमद इकबाल, एसपी रामचंद्र राजगुरु, सीडीओ एसएस बिष्ट, पीडी एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी, उद्योग जीएम जीवी जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, सेनानी उत्तराधिकारी संगठन जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी, भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, पूर्व विधायक केसी पुनेठा, श्याम नारायण पांडेय, पूर्व प्रधानाचार्य बीसी जोशी आदि मौजूद थे।