चंपावत। यहां से करीब 16 किलोमीटर दूर बस्टियागूंठ मझेड़ा गांव के लोग 20 दिनों से अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने से यहां की बिजली गुल है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी बोर्ड परीक्षार्थियों को हो रही है। बस्टियागूंठ मझेड़ा गांव में 7 मार्च से बिजली गुल है। ग्राम प्रधान नारायण दत्त भट्ट, गणेश दत्त, पनीराम आदि का कहना है कि कई बार बिजली विभाग को जानकारी देने पर भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है। उधर, बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर आरसी पंत का कहना है कि ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। ट्रांसफार्मर को बदलने की कार्रवाई चल रही है। जल्द आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
श्रीरीठा साहिब (चंपावत)। चौड़ापित्ता ग्राम पंचायत के गागरी तोक में बिजली तो है, मगर लो-वोल्टेज यहां के लोगों के लिए सिरदर्द बनी है। लोगों को लैंप का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी तोक में सरकारी अस्पताल भी है। लो-वोल्टेज से यहां की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आवाज उठाने के बाद भी इस अव्यवस्था से निजात नहीं मिल सकी है, जबकि नियमित रूप से विभाग बिजली के बिल भेज रहा है। दीपक बिनवाल, दिलीप सिंह, मिलाप सिंह, राजू सिंह, चंदन सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि लो-वोल्टेज की वजह से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है।