लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगी ग्राम पंचायत डूंगरालेटी में शौचालयों के निर्माण के नाम पर हुए घोटाले की जांच के आदेश जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने दिए हैं। परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट को यह जांच सौंपी गई है। डीएम ने यह भी कहा है कि अगर जरूरी हो तो दूसरी ग्राम पंचायतों को भी जांच के दायरे में लिया जाए।
डूंगरालेटी में शौचालयों के निर्माण के नाम पर हुए घालमेल का मामला सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना से हुआ था। अर्द्ध विधिक स्वयंसेवी (पीएलए) और पूर्व ब्लॉक प्रमुख ऊषा देवी ने आरटीआई लगाई तो जानकारी मिली कि शौचालय निर्माण के लिए जारी बजट की सूची में कई ऐसे लोगों के नाम भी हैं जिनका निधन 2012 में ही हो गया था।
यह सूची अन्य कई अनियमितताओं की ओर भी इशारा कर रही है। इस जानकारी के आधार पर ऊषा देवी ने जिलाधिकारी से मामले की जांच की मांग की थी। चंपावत जिले को खुले में शौच मुक्त जिला घोषित किया चुका है और यह घोटाला इस दावे पर भी सवाल खड़े कर रहा है। इसी आशंका को देखते हुए बृहस्पतिवार को डीएम ने इस मामले में जांच के आदेश भी जारी किए। जिला प्रशासन ने बाकायदा जांच अधिकारी भी नियुक्त कर दिया है और यह भी कहा है कि जरूरत पड़े तो अन्य गांवों को भी जांच के दायरे में लिया जाए।