चंपावत। जिले में राज्य स्थापना दिवस से ए टू मिल्क के नाम से बाजार में बद्री गाय (स्थानीय नस्ल की गायें) का दूध बिकना शुरू हो जाएगा। इसके लिए नरियाल गांव स्थित पशु प्रजनन अनुसंधान केंद्र की बद्री गायों का दूध परीक्षण के लिए करनाल (हरियाणा) प्रयोगशाला भेजा गया है। परीक्षण में सही रिपोर्ट मिलने के बाद बद्री गाय का दूध ए टू मिल्क के नाम से बाजार में बेचा जाएगा। यह दूध बाजार में अन्य दूध की अपेक्षा मंहगा होगा। वर्तमान में नरियाल गांव अनुसंधान केंद्र से बद्री गायों का 80 से 90 लीटर दूध चंपावत डेयरी में बेचा जा रहा है। बद्री गायों के दूध को बढ़ावा देने के लिए ने अब ए टू मिल्क के नाम से बाजार में बेचा जाएगा।
जल्द बाजार में बिक्री होगा बद्री गायों का दूध
नरियाल गांव से परीक्षण के लिए करनाल भेजा गया दूध
राज्य स्थापना दिवस से शुरू होगी ए टू मिल्क बेचने की पहल
नरियाल गांव केंद्र में हैं 84 बद्री गायें
चंपावत। जिले के नरियाल गांव पशु प्रजनन अनुसंधान केंद्र में वर्तमान में 84 बद्री गायें हैं। इन सभी गायों से प्रतिदिन 80 से 90 लीटर दूध मिलता है। बद्री गाय का दूध बाजार में एटीएम के माध्यम से भी बेचा जाएगा।
ए टू मिल्क के नाम से बाजार में बद्री गाय का दूध बेचा जाएगा। स्थापना दिवस पर ए टू मिल्क का शुभारंभ किया जाएगा। बद्री गाय का दूध बाजार में एटीएम के माध्यम से भी बेचा जा सकता है।
-राजेश मेहता, प्रबंधक दुग्ध संघ, चंपावत।