टनकपुर (चंपावत)।
नगर निकायों में शासन से स्वीकृति लेकर नए सिरे से भर्ती के आदेश ने आउटसोर्स कर्मचारियों को चिंतित कर दिया है। उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ ने शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन भेजकर आउटसोर्स कर्मचारियों की अनिश्चितता को दूर कर पहले से सेवारत कर्मियों को यथावत रखने की गुहार लगाई है।
हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद शासन ने नगर निकायों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को शासन से स्वीकृति के बाद भर्ती के आदेश जारी किए हैं। इस पर शासन ने निकायों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को रखने से पहले शासन से स्वीकृति लेने का आदेश जारी किया है। इस फैसले से पालिका में कार्यरत ठेका कर्मियों की नौकरी पर खतरा मंडरा गया है। ज्ञापन में कहा है कि इस आदेश के लागू होने से विशेषकर सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा होगा। वहीं शहर की सफाई व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ेगा। उन्होंने शहरी विकास मंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार कर ठेका कर्मियों को यथावत बहाल रखने का आग्रह किया है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष अशोक वाल्मीकि, महामंत्री राकेश वाल्मीकि, उपाध्यक्ष राकेश कुमार, कमलेश वाल्मीकि, मधुसूदन, विशाल बाबू, सुनील कुमार, प्रमोद प्रकाश, चंदन, छत्रपाल, सोमपाल नरोत्तम, राकेश, सुरेश आदि शामिल हैं।
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इस आशय का शासन से आदेश 27 अप्रैल को मिला है, लेकिन आदेश मिलने से पहले ही पालिका बोर्ड 27 मार्च को प्रस्ताव पास कर आउटसोर्सिंग ठेकेदार के ठेके का एक साल के लिए नवीनीकरण कर चुकी है। शासन एवं जिला प्रशासन से पत्राचार कर इस मामले में सलाह ली जा रही है। -जयवीर सिंह राठी, ईओ नगर पालिका परिषद, टनकपुर।
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आउटसोर्स से 22 कर्मचारी हैं तैनात
स्थानीय नगर पालिका में आउटसोर्स से 22 कर्मचारी कार्यरत हैं। जो माली, वाहन चालक, स्वच्छता आदि कार्य में लगे हैं। शासन का आदेश लागू हुआ तो इन 22 कर्मचारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा।