चंपावत। ग्राम पंचायत दियूरी, बजौन, बगेड़ी के लोगों को टनकपुर जाने के लिए 33 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ती है। यह परेशानी उन्हें एक सड़क का निर्माण नहीं होने की वजह से उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दियूरी से चल्थी तक आठ किलोमीटर का मोटर मार्ग बन जाए, तो वे जिले के मैदानी हिस्से से सीधे सड़क संपर्क से जुड़ जाएंगे।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित धौन से दियूरी तक के 15 किलोमीटर का मोटर मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आठ वर्ष पूर्व बन गया था। लेकिन दियूरी से आगे के आठ किमी दूर चल्थी तक सड़क आज तक नहीं बन सकी है। इसके चलते दियूरी सहित कई गांवों के लोगों को टनकपुर जाने के लिए पहले 15 किलोमीटर दूर धौन आना पड़ता है। धौन के बाद वह 26 किलोमीटर दूर चल्थी होते हुए टनकपुर पहुंचते हैं। इस तरह उन्हें 33 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। दियूरी से चल्थी होते हुए टनकपुर की दूरी महज 44 किमी है। जबकि दियूरी से धौन होते हुए उन्हें टनकपुर पहुंचने के लिए 77 किमी तय करना पड़ता है। इसमें न केवल अधिक वक्त लगता है, बल्कि किराए के रूप में भी अतिरिक्त धन देना पड़ता है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य दुर्गा देवी, चंदन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह, जगदीश सिंह, पूर्व सैनिक दीवान सिंह, प्रहलाद सिंह, धीरज सिंह, गोपाल सिंह आदि का कहना है कि इस मोटर मार्ग के नहीं होने से आवाजाही के साथ ही यहां होने वाले कृषि उत्पादों का भाड़ा भी काफी ज्यादा हो जाता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर इस स्वीकृत मोटर मार्ग में वन अनापत्ति को जल्द दूर कर सड़क का निर्माण कराने की मांग की है।
कोट
दियूरी से चल्थी तक का आठ किलोमीटर सड़क स्वीकृत है। वन भूमि की अड़चन दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। वन अनापत्ति मिलने के बाद विस्तृत प्रगति रिपोर्ट बनाकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
डीडी भट्ट, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, चंपावत खंड