चंपावत।
जिले में खुले में शौच से आजादी सप्ताह के तहत कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। इसके अंतर्गत बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट ने विकास भवन सभागार से स्वच्छता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए कूड़ा इधर-उधर न फेंक कर उचित व निर्धारित स्थान पर ही डालना चाहिए। सीडीओ ने स्वच्छता से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को गांवों व तोकों में जाकर आम लोगों को खुले में शौचमुक्त अभियान की जानकारी देने, उन्हें शौचालय उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से गांवों में जल जमाव, रसोई, बाथरूम से निकले गंदे पानी की उचित निकासी करने, दूषित पेयजल एवं गंदगी से होने वाले हैजा, डायरिया, टाइफाइड के बारे में ग्रामवासियों को विस्तार से जानकारी देने के निर्देशित किया। कहा कि अभियान के अंतर्गत आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं में विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को पांच हजार, द्वितीय स्थान अर्जित करने वाले को तीन हजार और तृतीय स्थान अर्जित करने वाले को दो हजार रुपये का पुरस्कार ब्लाक प्रमुख के माध्यम से वितरित कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर स्वजल के परियोजना प्रबंधक महेंद्र कुमार गर्ग ने बताया कि रथ संख्या एक मंच-तामली, बनबसा में तथा रथ संख्या दो लोहाघाट, किमतोली, चमदेवल, बाराकोट, ललुवापानी, खेतीखान, पाटी और देवीधुरा में आडियो के माध्यम से कूड़े के उचित निस्तारण तथा स्वच्छता के फायदे, खुले में शौच मुक्त के स्थायित्व आदि विषयों के बारे विस्तार से जानकारियां प्रसारित करेगा।
उन्होंने बताया कि ब्लाक स्तर पर विभिन्न स्कूलों में घर-घर सफाई ,गांव की भलाई विषय पर चित्रकला, पोस्टर, क्विज, निबंध लेखन आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, जिला उद्यान अधिकारी एनसी आर्या, स्वजल के मोहम्मद आरिफ, धीरज जोशी, अनिल कुमार साह, वैयक्तिक अधिकारी आरएस सामंत आदि मौजूद थे।