चंपावत। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनएचएम कर्मचारियों को दो माह से पूरा मानदेय नहीं मिला है। अप्रैल का मानदेय 12 दिन देर से मिलने के बावजूद पूर नहीं दिया गया। जिले में एनएचएम के तहत 182 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनकी तनख्वाह 17 हजार से चार लाख रुपये तक निर्धारित है।
जिले में एनएचएम कर्मचारियों के मानदेय के लिए हर महीने 70 लाख रुपये का करीब बजट मिलता है। 12 मई को अप्रैल के मानदेय के लिए महज 14.60 लाख रुपये ही जारी हुए। आठ-आठ हजार रुपये के हिसाब से कर्मचारियों को धनराशि मिल रही है। मार्च में आउट सोर्स कर्मियों को मानदेय नहीं मिला। अप्रैल का मानदेय भी उन्हें पूरा नहीं दिया जा रहा है। एनएचएम कर्मी गौरव पांडेय, दिनेश थ्वाल, मदन राणा, प्रवीन भट्ट ने बताया कि उन्हें नए वित्तीय वर्ष में अब तक एक बार भी मानदेय नहीं मिला।
बताया कि मई में अप्रैल के पैसे आए थे, लेकिन वह भी पूरे नहीं आए। इतने कम पैसे से उनके सामने घर खर्च चलाने का संकट पैदा हो गया है। प्रबंधक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रेम बल्लभ भट्ट ने कहा कि बच्चों का नया शिक्षा सत्र भी शुरू हो गया है। बच्चों की फीस और अन्य खर्चे नहीं जुटा पा रहे हैं।
कोट
एनएचएम कर्मियों को कम मानदेय मिलने की जानकारी मिली है। इनका मानदेय केंद्र सरकार से आता है। जैसे ही प्रदेश सरकार को धनराशि मिलेगी, कर्मियों के लिए मानदेय जारी कर दिया जाएगा। - इंद्रजीत पांडेय, एसीएमओ चंपावत।