लोहाघाट (चंपावत)। बारिश थमने के बाद अब किसान आलू की बुआई में जुट गए हैं। पिछले दिनों हुई बारिश से इस बार एक पखवाड़े देरी से आलू की बुआई की जा रही है। खेत गीले होने से किसान आलू की बुआई नहीं कर पा रहे थे। एक पखवाड़े से मौसम ठीक होने के बाद किसान खेत तैयार कर आलू की बुआई में जुट गए हैं।
किसानों का कहना है कि महंगे आलू के बीज लगाने के बावजूद कभी सूखे कभी अतिवृष्टि तो कभी जंगली जानवर आलू की खेती पर मार कर रहे हैं। सहायक विकास अधिकारी (उद्यान) भूपेंद्र प्रकाश जोशी का कहना है कि आलू की खेती के लिए अच्छी बारिश हुई है। खेतों में पर्याप्त मात्रा में नमी होने से आलू की पैदावार अच्छी होने की संभावना है। मार्च और अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक आलू की बुआई के लिए अच्छा समय होता है।