चंपावत। केंद्र की मोदी सरकार को 40 महीने से अधिक हो गए हैं। मई 2014 में सरकार बनने के करीब तीन महीने बाद प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) चलाई गई। योजना के तहत चंपावत जिले में ही 57 हजार से अधिक खाते खुले। लेकिन करीब 41 प्रतिशत खातेदारों को इस योजना का कतई लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां तक कि योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरी रुपे कार्ड तक अभी हजारों खाताधारकों तक नहीं पहुंच सके हैं। वहीं इन खातेदारों में से करीब 45 प्रतिशत खातों में एक भी रुपया जमा नहीं है।
हर नागरिक को बैंक खाते से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू की गई। लोगों को बैंकों से जोड़ने के साथ ही बीमा सुरक्षा और ओवरड्राफ्ट की सुविधा देना इसकी खास खूबी है। लेकिन इस योजना का फायदा लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जिले में अभी 41.62 प्रतिशत खातेदारों को रुपे कार्ड नहीं मिल सके हैं। अलबत्ता जिले में किसी को भी बीमा का लाभ मिलने की जानकारी बैंकों तक को नहीं है।
28 अगस्त 2014 से शुरू जनधन योजना से जिले के कुल 58 बैंकों में 57846 खाते खुले। इनमें से महज 33825 लोगों को ही रुपे कार्ड मिल सके हैं। 24021 खातधारक तो अभी रुपे से वंचित हैं। वहीं रुपे कार्ड का उपयोग करने के लिए जरूरी पिन (गोपनीय संख्या) भी 4000 से अधिक लोगों तक नहीं पहुंचा है।
इसी तरह 57846 खाताधारकों में से तकरीबन आधे खातेदार जनधन योजना के लाभ से सीधे तौर पर बाहर हैं। इसके अलावा कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने रुपे कार्ड का निर्धारित 90 दिनों के भीतर अनिवार्य उपयोग नहीं किया है। जिले में बीमा के लाभ का ब्यौरा बैंकों के पास उपलब्ध ही नहीं है। वहीं ओवरड्राफ्ट पाने वालों की संख्या भी सौ तक नहीं पहुंच सकी है। लीड बैंक प्रबंधक आनंद सिंह रावत का कहना है कि बड़ी संख्या में खातेदार रुपे कार्ड का उपयोग नहीं कर रहे हैं। योजना के लाभ के लिए 90 दिनों के भीतर कम से कम एक बार उपयोग किया जाना जरूरी है। इसके लिए बैंक अपने स्तर से जागरूक कर रहा है।
ओवर ड्राफ्ट को आधार लिंक जरूरी
जनधन योजना में पांच हजार रुपये तक के ओवरड्राफ्ट की सुविधा है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं। खाते का छह माह तक संतोषजनक संचालन (मासिक बैलेंस 1250 रुपये) और आधार कार्ड का लिंक होना जरूरी है। बहरहाल अभी 33131 खाते ही आधार लिंक हो सके हैं।
रुपे कार्ड बगैर नहीं मिलेगा बीमा के लाभ
पीएम जनधन योजना के तहत खुले खातों में 30 हजार का बीमा और एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा किया जाता है। लेकिन इस बीमा के लाभ के लिए रुपे कार्ड का होना जरूरी है। नियमों के मुताबिक रुपे कार्ड का हर 90 दिन के भीतर इस्तेमाल जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा। और इससे मिलने वाला लाभ भी नहीं मिल सकेगा।
क्रासर
एसबीआई को छोड़ अन्य बैंकों के जनधन के खातेदारों के रुपे कार्ड बैंकों से ही दिए जाते हैं। इन रुपे कार्डों को लेने में खातेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जबकि रुपे कार्ड की उपयोगिता शिविर और अन्य माध्यमों से लोगों को निरंतर बताई जा रही है। वहीं पिन को सुरक्षागत कारणों से खातेदारों को बैंक से लेना होता है। अब फिर से इसके लिए पहल की जाएगी। आनंद सिंह रावत,
लीड बैंक प्रबंधक, चंपावत।