चंपावत। जिला बार संघ के अध्यक्ष राम सिंह बिष्ट ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के विस्थापन और पुनर्वास का विशेष ख्याल रखने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि बांध निर्माण से संभावित डूब क्षेत्र में पड़ने वाले परिवारों के साथ अभी तक केंद्र अथवा राज्य सरकार का कोई संवाद नहीं हो पाया है।
पंचेश्वर बांध परियोजना के क्रियाकलापों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त प्रशासनिक स्टाफ गठित किया जाना अनिवार्य है। सरकार को विस्थापन व पुनर्वास की समुचित और पारदर्शी नीति निर्धारित करनी होगी। जिस परिवार की जितनी भूमि प्रभावित हो रही है, उससे दो गुनी भूमि उस परिवार को दी जानी चाहिए। एक-एक एकड़ भूमि भवन निर्माण के लिए दी जाए।
प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक एक सदस्य को सरकारी सेवा प्रदान कर विस्थापन की पीड़ा को कम करने के उपाय लागू किए जाएं। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में वाप्कोस कंपनी की ओर से तैयार की गई डीपीआर बिल्कुल अस्पष्ट है तथा उसमें किसी भी तथ्य का खुलासा नहीं किया गया है। यदि बिना पुनर्वास और विस्थापन की ठोस कार्ययोजना के बांध का निर्माण किया जाता है तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर हो जाएगी।