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पर इनकी दिवाली रहेगी फीकी

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चंपावत। साक्षरता मिशन की परियोजना को समाप्त हुए सात माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन साक्षरता की ज्योति बिखेरने वाले लोक साक्षरता केंद्र के प्रेरक मानदेय के लिए तरस गए हैं। उनका 16 महीने का वेतन अब भी नहीं मिल सका है। मानदेय नहीं मिलने से इस बार उनकी दिवाली फीकी हो गई है।
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चंपावत जिले की 289 ग्राम पंचायतों में स्थापित लोक साक्षरता केंद्र के 580 प्रेरकों को सेवा के दौरान का 16 महीने का मानदेय बकाया है। प्रेरक संगठन के नेता संजय चौड़ाकोटी का कहना है कि भारत सरकार से राज्य स्तर पर बजट मिलने के बावजूद धन नहीं मिल सका है। इस वजह से पिछले साल की तरह उनकी इस बार की दिवाली भी फीकी रही है। इधर मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित का कहना है कि प्रेरकों के मानदेय के बजट के लिए लगातार पत्र भेजे जाते रहे हैं।

108 कर्मियों को दो माह से वेतन नहीं
लोहाघाट (चंपावत)। आपात चिकित्सा सेवा 108 कर्मियों को दो महीने से वेतन नहीं मिल सका है। नकदी की कमी के चलते ये कर्मी धनतेरस पर खरीददारी भी नहीं कर सके।
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108 आपात सेवा संगठन के जिलाध्यक्ष मदन कुमार, गोविंद तिवारी, संदीप सक्टा, भगवान सिंह मेहता, धीरेंद्र बिनवाल, योगेश पंत, राजेंद्र चम्याल, मदन सिंह, गोपाल बुराठी, उमेश सिंह, रोशन ढेक, कमल सिंह, सुशीला गड़कोटी, ललित सिंह अधिकारी का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से उनके लिए त्योहार का कोई मतलब नहीं रह गया है। इन कर्मियों का कहना है कि उन्हें पूर्व में भी आंदोलन के बाद दो महीने का वेतन मिल सका था।

अगर जल्द वेतन न मिला, तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इधर आपात सेवा 108 के जिला प्रभारी रजत उनियाल का कहना है कि एक महीने का वेतन एक सप्ताह के भीतर कर्मियों के खाते में पड़ जाएगा।
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