ध्यानार्थ............
टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग:
हिसाब-किताब फाइनल करने के बाद लगेंगे नए टेंडर
गड़बड़ियों के चलते चार महीने तक काम लटकने का अंदेशा
अनुबंध निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू, 123 करोड़ रुपये से होनी है 24.40 किलोमीटर की कटिंग
चंद्रशेखर जोशी
चंपावत।
नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र में निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) मोटर मार्ग के काम की गति में फिर ठहराव आ गया है। इस मार्ग के पैकेज नंबर दो में हुई टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप की पुष्टि के बाद काम रोक दिया गया है। विभाग का कहना है कि अब अनुबंध निरस्त करने के बाद पुराने ठेकेदार का हिसाब-किताब फाइनल किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। इस पूरी कवायद में 2 से 4 महीने तक लग सकते हैं।
शासन द्वारा पीएमजीएसवाई के कुमाऊं क्षेत्र अल्मोड़ा द्वारा कराई गई जांच में टनकपुर जौलजीबी मोटर मार्ग के पैकेज नंबर दो की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई थी। ठुलीगाड़ से रूपालीगाड़ तक के 43 किलोमीटर में कुल तीन पैकेज थे। अनियमितता का आरोप पैकेज नंबर दो में है। जो टनकपुर से 30.60 किमी से 55 किमी (कुल 24.40 किमी) तक है। इस पैकेज के जरिये रूपालीगाड़ तक मोटर मार्ग की कटिंग होनी है। परियोजना क्रियान्वयन यूनिट (पीआईयू) के अधिशासी अभियंता बीसी पंत का कहना है कि 80 प्रतिशत चौड़ाई की 10 किमी कटिंग हो चुकी है। इसके अलावा कुछ अन्य छिटपुट कार्य किया गया है। ये पूरा काम 123 करोड़ रुपये की लागत से होना था। मगर अनियमितता के चलते 25 अगस्त से काम को रोक दिया गया है। अग्रिम भुगतान के रूप में ठेकेदार मै.दिलीप सिंह अधिकारी को पांच करोड़ रुपये दिए गए थे।
अधिशासी अभियंता पंत का कहना है कि अनुबंध निरस्त करने के बाद किए गए काम का हिसाब-किताब होगा। अगर काम में कमी पाई गई तो पेनाल्टी लगाई जाएगी, अन्यथा ठेकेदार को बकाया भुगतान किया जाएगा। भुगतान के बाद बचे हुए काम को कराने के लिए नए टेंडर लगाए जाएंगे। विभाग का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया में 2 से 4 महीने तक लग जाएंगे।
बाक्स
तीन माह में चूका तक पहुंच जाएगी रोड
निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग का पहला पैकेज 67 करोड़ रुपये की लागत से ठुलीगाड़ से चूका तक 17.875 किलोमीटर का है। पीआईयू के मुताबिक इस पैकेज में करीब 10 किमी रोड की कटिंग कर ली गई है। अगले तीन माह में इस मार्ग का शेष 7.875 किमी हिस्सा भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद यह मार्ग टनकपुर से ठुलीगाड़ होते हुए चूका तक पहुंच जाएगी। इसके अलावा पैकेज नंबर तीन में चल्थी नदी में 690 मीटर स्पान का पुल बनाया जाना है।
बाक्स
देर से पूरा होगा सड़क से जुड़ने का सपना
कभी वन अनापत्ति, तो कभी दूसरी वजहों से 134.57 किमी लंबे टनकपुर जौलजीबी मोटर मार्ग के काम में देरी होती रही। पंचेश्वर बांध के चलते जौलजीबी के बजाय फिलहाल यह मोटर मार्ग टनकपुर से रूपालीगाड़ तक 55 किमी ही बन रही है। 2016 से काम शुरू हुआ, तो अब पैकेज नंबर दो के टेंडर में अनियमितता ने इसमें नया पेंच फंसा दिया है। काम में हो रही देरी का असर सड़क से जुड़ने का वर्षों से सपना देखने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। गोविंद सिंह, बलवंत, महेश सहित सीमा से लगे गांव श्रीकुंड, कलढुंगा, गौजी, चूका आदि के लोगों का कहना है कि रोड उनकी विकास यात्रा का पहला पड़ाव है। लेकिन इसमें आ रही अड़चन उन्हें आशंकित कर रही है। इन ग्रामीणों ने जल्द से जल्द काम शुरू करवाने की मांग की है।