चंपावत। जिला योजना का अनुमोदन तो 22 जून को प्रदेश की राज्य मंत्री व जिले की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या करेंगी। लेकिन जिला योजना के संबंध में एक बात अभी से तय है कि इसकी राशि में कैंची लग गई है। करीब 18 प्रतिशत की राशि में कमी आ गई है। प्लान की राशि का आंकड़ा सिकुड़ने से 22 विभागों के बजट में कमी किया जाना प्रस्तावित है।
2017-18 में 40.97 करोड़ रुपये की जिला योजना प्रस्तावित की गई है। जबकि पिछले साल यह राशि 49.61 करोड़ रुपये थी। इस अनुमोदित राशि से शासन से 29.58 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए। पिछले वित्त वर्ष के जिला योजना के बजट की अपेक्षा मौजूदा वित्त वर्ष की जिला योजना के बजट में 8.63 करोड़ रुपये (करीब 18 प्रतिशत राशि) कम कर दी गई है। जिला योजना का बजट कम होने से कई विभागों की राशि में कटौती होगी। सड़क व पुल, जल निगम, जल संस्थान, वन विभाग, लघु डाल, स्वास्थ्य, माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन व साहसिक कार्य, खेलकूद, पशुपालन, कृषि समेत कुल 22 विभागों के बजट को कम किया जाएगा। नलकूप खंड, महिला कल्याण, भेषज, सहकारिता, कला व संस्कृति विभाग के बजट में मामूली इजाफा होने की संभावना है। बजट कम होने से विकास योजनाओं के प्रभावित होने का अंदेशा है।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एनबी बचखेती का कहना है कि जिला योजना की राशि में करीब 18 प्रतिशत की कमी हुई है। अब इस प्लान के लिए पूरी राशि राज्य सरकार को अपने संसाधन से लगानी है। इसके चलते जिला योजना का आकार कम किया गया है।
कोट....
जिला प्लान की राशि कम होने के बाद निर्माण कार्यों की प्राथमिकताओं को फिर से तय किया गया। अधूरी योजनाओं को पूरा करने के अलावा लोगों से जुड़े कार्यों को वरीयता दी जाएगी। वैसे भी पिछले साल की योजना से 60 प्रतिशत से कम राशि मिलने से पहले से चले आ रहे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
डॉ.अहमद इकबाल
जिलाधिकारी, चंपावत।