फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राचार्य के लिए साक्षात्कार हुआ, जल्द घोषित होगा परिणाम

विज्ञापन
विज्ञापन
चंपावत। टनकपुर के एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को दिसंबर में पहला प्राचार्य मिल जाएगा। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने प्राचार्य की चयन प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। साक्षात्कार के बाद बस अब नतीजे का एलान बाकी है। इसे जल्द पूरा करने की बात कही गई है।
विज्ञापन


उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बीके सिंह ने बताया कि टनकपुर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य की नियुक्ति के लिए 14 नवंबर को साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो एक माह में टनकपुर कॉलेज में प्राचार्य कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। माना जा रहा है कि कॉलेज के प्राचार्य की तैनाती के बाद शिक्षकों की तैनाती और कॉलेज की व्यवस्था से जुड़े तमाम मसलों में तेजी से सुधार होगा।

नवंबर 2016 में खुले टनकपुर के इस इंजीनियरिंग कॉलेज में मौजूदा शिक्षा सत्र में एक दिन भी कक्षाएं नहीं चल सकी है। प्राचार्य से लेकर शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से यांत्रिक और सिविल ट्रेड के यहां पंजीकृत 79 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। छात्रों के लिए न पुस्तकालय है और नहीं अन्य व्यवस्थाएं। अलबत्ता अब पहली बार कॉलेज के प्राचार्य की नियुक्ति की संभावना बनने से उम्मीद भी जगी है।
विज्ञापन


सात छात्र पिथौरागढ़ जाने को राजी हुए
तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने एक माह पूर्व टनकपुर में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होने तक पिथौरागढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाने का विकल्प सुझाया था मगर अभिभावक और छात्रों ने इसे अव्यवहारिक बताते हुए इंकार कर दिया था। अलबत्ता अब सात छात्र पिथौरागढ़ जाने पर सहमत हैं। कुलपति डॉ. बीके सिंह ने बताया कि कुछ छात्रों ने पिथौरागढ़ जाने पर सहमति जताई है। ब्यूरो

कॉलेज की समस्याओं को लेकर सीएम से मिलेंगे अभिभावक
टनकपुर (चंपावत)। डॉ. एपीजी अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं के भविष्य को लेकर हो रहे खिलवाड़ को लेकर चिंतित अभिभावकों ने बैठक कर प्राचार्य, शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर एकबार फिर मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया है। उन्होंने बच्चों के भविष्य के प्रति शासन की नजरअंदाजी पर हैरानी जताते हुए बच्चों को साथ लेकर आंदोलन की राह पकड़ने की चेतावनी दी है।

स्थानीय इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षक तो दूर प्राचार्य तक तैनात नहीं है जिसके चलते न सिर्फ छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, बल्कि अभिभावक भी अपने बच्चों को इस कॉलेज में प्रवेश दिलाकर पछता रहे हैं। कॉलेज में प्राचार्य व शिक्षकों के अभाव के साथ ही शिक्षण के संसाधनों, सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है। बृहस्पतिवार को अभिभावकों ने बैठक कर कॉलेज की समस्याओं को लेकर असरदार कदम उठाने का निर्णय लिया। कहा कि इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो वे बच्चों को साथ लेकर सड़क पर उतरेंगे। बैठक में व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रकाश मुरारी, मोहन राम आर्य, ईश्वरी दत्त गहतोड़ी, खीमानंद भट्ट, वीसी जोशी, चंद्रशेखर मुरारी आदि अभिभावक मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें