चंपावत। चंपावत के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तीन शिक्षकों के स्थानांतरण से अध्यापकों की भारी कमी हो गई है। हाल इस कदर खराब हैं कि स्नातक और पीजी के सेमेस्टरों की परीक्षा के लिए भी अध्यापकों की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। कॉलेज में अब 14 शिक्षकों के सापेक्ष महज पांच शिक्षक बचे हैं।
पीजी कॉलेज से तीन शिक्षकों के तबादले और जुलाई से चार गेस्ट शिक्षकों को हटाए जाने से शिक्षकों का संकट गहरा गया है। इस वक्त राजनीति विज्ञान के दो और जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और समाज शास्त्र के एक-एक शिक्षक हैं। इनमें से समाज शास्त्र की शिक्षिका अगस्त तक बाल देखभाल अवकाश (सीसीएल) में है। प्राचार्य राधेश्याम भट्ट का कहना है कि शिक्षकों के स्थानांतरण और गेस्ट शिक्षकों के नवीनीकरण न होने की वजह से अध्यापकों की भारी कमी है।
छात्रों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया
चंपावत। शिक्षकों की भारी कमी से नाराज छात्रों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भेज शिक्षकों की तैनाती की मांग की है। छात्रसंघ अध्यक्ष पारस महर, पूरन बिष्ट सहित तमाम छात्रों का कहना है कि शिक्षकों की कमी से कॉलेज में परीक्षा कराना भी कठिन हो रहा है। छात्रा पूजा गोस्वामी, हरीश जोशी, मुकेश जोशी, अरुण उप्रेती, विजय कुमार आदि ने शीघ्र कॉलेज में रिक्त पड़े प्राध्यापकों के पदों को जल्द नहीं भरे जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।