टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में पेयजल समस्या का मुद्दा मंगलवार को विधानसभा में गूंजा है। क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी ने नियम 300 के तहत सदन में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूर्णागिरि धाम में पेयजल व्यवस्था मुहैैया कराने की मांग उठाई है।
पूर्णागिरि धाम में हर साल होली के बाद आयोजित होने वाले तीन माह के मेले में देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार भी 87 दिन के मेले में 21 लाख से भी अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे। मेला अवधि में प्रशासन श्रद्धालुओं को चिकित्सा, सफाई, सुरक्षा, पथ प्रकाश आदि सरकारी सुविधाएं मुहैया कराता है, लेकिन पानी की समस्या हर बार प्रशासन के लिए चुनौती बनी रहती है। मेले के उद्घाटन और समापन मौके पर हर साल धाम के पुजारी और दुकानदारों द्वारा पानी की समस्या का मुद्दा उठाया जाता रहा है।
इस बार समापन पर विधायक गहतोड़ी के समक्ष भी पानी की समस्या प्रमुखता से उठी तो उन्होंने मंगलवार को नियम 300 के तहत यह मुद्दा विधानसभा में उठाते हुए सरकार से समस्या दूर कराने की मांग की है। विधायक ने सरकार को आगाह भी किया है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जन आंदोलन हो सकता है।
टनकपुर। मंदिर समिति की मांग पर प्रशासन ने मेला कमेटी मद सेे शारदा से लिफ्ट पेयजल योजना के निर्माण की पहल की थी। दो माह पूर्व एसडीएम दयानंद सरस्वती ने मंदिर समिति, जल निगम, जल संस्थान, वन, विद्युत और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की, लेकिन निर्माण का बजट अधिक होने से प्रशासन ने हाथ खींच लिए थे। पूर्व में हुए सर्वे के मुताबिक लिफ्ट पेयजल योजना में डेढ़ करोड़ से अधिक की लागत आनी है।