चंपावत। चंपावत जिले में शनिवार से लोगों को बद्री गायों का दूध मिलना शुरू हो गया है। बद्री गाय (परंपरागत नस्ल की पहाड़ी गाय) का दूध कई खूबियों से भरपूर होने के चलते अधिक गुणकारी होता है। दुग्ध संघ प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि पहले दिन शनिवार को इस दूध को लेकर कई उपभोक्ताओं ने डेयरी से संपर्क साधा। 20 मिनट में ही 60 लीटर दूध चंपावत और लोहाघाट में बिक गया। दूध सामान्य दूध से छह रुपये अधिक (40 रुपये) लीटर के हिसाब से बेचा जा रहा है।
चंपावत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की अध्यक्ष पार्वती जोशी ने बताया कि फिलहाल नरियालगांव पशु प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र की 120 बद्री गायों के दूध की बिक्री की जा रही है। अनुसंधान केंद्र के परियोजना निदेशक डॉ. एचसी जोशी का कहना है कि बद्री गायों के दूध का मापन मिल्क रिकॉर्डर के जरिए किया जा रहा है। बद्री गायों के दूध में ए-2 प्रोटीन के अलावा बीटाजीन, कैसीन की 90 प्रतिशत मात्रा होने से यह दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही मधुमेह और दिल के रोगियों के लिए खासा लाभकारी है। जिले की 194 दुग्ध समितियों में फिलहाल अनुसंधान केंद्र ने 1200 बद्री गायों को चिह्नित किया है। दुग्ध संघ प्रबंधक मेहता का कहना है कि अगले महीने से पाटी और बाराकोट क्षेत्र की बद्री गायों के दूध को एकत्र किया जाएगा। साथ ही पशुपालकों को बद्री गायों को पालने के लिए जागरूक किया जा रहा है।