टनकपुर (चंपावत)। नगर निकाय चुनाव के शोरशराबे के बीच ज्ञानखेड़ा ग्राम पंचायत के नगर पालिका में शामिल हुए आंशिक क्षेत्र के मतदाता चुनाव बहिष्कार को लेकर अपने निर्णय पर अडिग हैं। उन्होंने कहा है कि वह पालिका क्षेत्र में शामिल होने से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें किसी भी सूरत में पालिका क्षेत्र में शामिल होना मंजूर नहीं है। वह निकाय चुनाव के लिए मतदान नहीं करेंगे।
ज्ञानखेड़ा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन के वक्त ही उन्होंने नगर क्षेत्र में शामिल करने पर आपत्ति लगाई थी, लेकिन उनकी आपत्ति का निस्तारण किए बगैर ही सरकार ने पालिका क्षेत्र में शामिल कर उनकी अनदेखी की। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में शामिल होने से उन्हें बेवजह कई तरह के टैक्स वहन करने पडे़ंगे, जो उन्हें मंजूर नहीं है।
बता दें कि ज्ञानखेड़ा ग्राम पंचायत के नगर पालिका में शामिल किए गए आंशिक क्षेत्र में करीब 490 मतदाता हैं। यदि वह चुनाव बहिष्कार पर अडिग रहे तो उनका वोट नहीं डालना वार्ड सदस्य पद के लिए खड़े प्रत्याशियों के साथ ही नगर पालिकाध्यक्ष पद पर भाग्य आजमा रहे किसी भी प्रत्याशी के लिए भारी पड़ सकता है।
नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद ज्ञानखेड़ा क्षेत्र का पालिका सीमांकन से बाहर किया जाना संभव नहीं है। वहां के लोगों को मत देने का अधिकार मिला है तो उसके बहिष्कार का फैसला उचित नहीं है। प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने के अलावा मतदाताओं के पास नोटा का भी विकल्प है। पालिका के शामिल किए गए ज्ञानखेड़ा के आंशिक क्षेत्र के लोग यदि पालिका में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो चुनाव के बाद उनकी इस भावना से सरकार को अवगत कराया जाएगा। प्रशासन प्रयास करेगा कि चुनाव के बहिष्कार का फैसला लेने वाले ज्ञानखेड़ा के मतदाता मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। -एसएन पांडेय, जिलाधिकारी चंपावत।