बाराकोट (चंपावत)। यहां मस्टा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन राजा हरीश चंद्र और राजा बलि की कथा के अलावा बेटियों को आगे बढ़ाने की नसीहत दी गई। कथा सुनने के लिए दूरदराज से भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। कथा वाचक व्यास खिलानंद पाण्डेय ने कहा कि मनुष्य को कभी भी संतान में लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए।
आज और पौराणिक युग के कई उदाहरण हैं, जिनसे साफ पता चलता है कि पुत्री हमेशा ही अपनी उदारता से दो-दो कुलों का तारण करती आई हैं। मुख्य आयोजक आन सिंह अधिकारी और ललिता अधिकारी की ओर से आयोजित कथा में भवान सिंह अधिकारी, प्रकाश सिंह अधिकारी, जोत सिंह अधिकारी, नगेंद्र कुमार जोशो, लोकमान सिंह अधिकारी, उमेस्वर सिंह अधिकारी, शेर सिंह अधिकारी, भूपाल सिंह अधिकारी, शिवराज सिंह अधिकारी, भगवान दास जोशी, नमन जोशी, नंदा बल्लभ जोशी आदि सहयोग कर रहे हैं।