चंपावत। चंपावत तहसील कार्यालय और उप जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में इन दिनों अधिकांश समय सन्नाटा पसरा रहता है। बिजली कनेक्शन कटे होने के कारण यहां अधिकांश समय काम नहीं हो पा रहा है। यहां तक कि लोगों के जरूरी प्रमाणपत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
चंपावत तहसील व एसडीएम कार्यालय का बिजली का कनेक्शन विभाग द्वारा 1.45 लाख रुपये बकाया नहीं चुकाने के कारण 24 मार्च से कटा है। कनेक्शन कटने से कार्यालय के ज्यादातर कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी लोगों को स्थायी निवास, आय, जाति सहित तमाम प्रमाणपत्र, खसरा खतौनी की कॉपियों आदि के लिए हो रही है। तहसीलदार व एसडीएम की अदालत के कार्य के अलावा बेहद जरूरी कार्यों के लिए जनरेटर का उपयोग होता है। लेकिन काफी पुराना होने से यह जनरेटर भी कछ देर में जवाब दे देता है।
इधर तहसीलदार गोविंद प्रसाद का कहना है कि शासन से बजट की मांग की गई है। उम्मीद है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में धन मिल जाएगा। अलबत्ता विभाग जरूरी कामकाज को जनरेटर से निपटाने का प्रयास कर रहा है।
तीन नगर निकायों ने जमा कराया बिजली बिल
चंपावत। जिले के प्रवेश द्वार बनबसा के नगर पंचायत की स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन बिजली बिल के बकाया 2.25 लाख रुपये के जमा नहीं कराने से कटा है। अलबत्ता शेष तीन नगर निकायों ने बिल की बड़ी रकम का भुगतान कर दिया है। बिजली निगम के चंपावत खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि टनकपुर नगर पालिका ने 3.82 लाख के सापेक्ष 2 लाख, लोहाघाट नगर पंचायत पर 5.83 लाख रुपये के सापेक्ष 2 लाख और चंपावत नगर पालिका ने 5.50 लाख रुपये का बिजली का बिल चुका दिया। विभाग ने इस बार ताबड़तोड़ कनेक्शन काट लटकी रकम को भी वसूलने में कामयाबी पाई है।