लोहाघाट (चंपावत)। विद्यालयों के कोटिकरण में सुधार करने और अनिवार्य स्थानांतरण एक्ट लागू करने को लेकर राजकीय शिक्षक संघ मुखर हो गया है। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पान सिंह मेहता ने संघ के प्रांतीय और मंडलीय पदाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर दोनों मांगों को शासन के सम्मुख प्रमुखता से उठाने की मांग की है।
प्रांतीय अध्यक्ष, महामंत्री, मंडलीय अध्यक्ष व मंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने है कहा कि 2008 में धरातलीय सर्वे के बिना विद्यालयों का त्रुटिपूर्ण कोटिकरण किया गया। अति दुर्गम, दुर्गम व सुगम श्रेणी में अनेकों खामियां हैं। 2008 में किए गए कोटिकरण को 2013 की सीमा तक लागू करना गलत है। संगठन ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के कई विद्यालयों को दुर्गम दिखाया गया है। वहीं पहाड़ के कई विद्यालयों को सुगम दर्शा कर यहां के शिक्षकों को मैदानी क्षेत्रों में जाने से रोका जा रहा है।
शिक्षकों द्वारा दुर्गम व अति दुर्गम क्षेत्रों में वर्षों से की गई सेवा को 2013 तक सुगम दिखाकर उनके गुणांक कम किए गए हैं। 2008 के कोटिकरण को रद्द करने के साथ त्रुटिपूर्ण कोटिकरण करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण एक्ट 2017 के अंतर्गत एक अप्रैल से स्थानांतरण समय सारिणी लागू होनी है। जिसमें परिशिष्ट एक में पक्के मोटर मार्ग की स्पष्ट व्याख्या करने के साथ परिशिष्ट दो में चंपावत जिले के पहाड़ के अधिकांश विद्यालयों को दुर्गम व अति दुर्गम श्रेणी में रखवाने की मांग की गई है।