लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा के नजदीक डुंगराबोरा में धारापानी के पास बुधवार शाम को हुई बोलेरो कार हादसे की वजह लापरवाही है। पंचेश्वर (किमतोली) कोतवाली के थानेदार डीएल वर्मा का कहना है कि प्रथमदृष्ट्या दुर्घटना का कारण वाहन चलाने में लापरवाही नजर आ रही है। इस हादसे में पांच लोग घायल हुए थे। वहीं नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाने के चलते तीन दिन पूर्व पुलिस ने इस वाहन को सीज किया था। और इसे बुधवार को ही छोड़ा गया था।
बुधवार की रात को यहां से करीब 35 किलोमीटर दूर धारापानी के पास कार (संख्या यूके 03पीए/0568) बुधवार शाम को करीब 150 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में चालक सहित पांच लोग घायल हो गए थे। बुरी तरह घायल चालक दशरथ सिंह, गोविंद सिंह और इंद्रा देवी को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया था। इनकी हालत में सुधार हो रहा है। वहीं लोहाघाट अस्पताल लाए गए दो घायल हीरा सिंह व योगिता को बृहस्पतिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
गुमदेश क्षेत्र में वाहन कम, हादसों में मौत ज्यादा
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र में वाहनों की संख्या कम है, लेकिन यहां सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की तादात काफी अधिक है। इस वर्ष इस क्षेत्र में तीन बड़ी दुर्घटनाएं हुई हैं। जिसमें सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के तीन जवानों सहित कुल दस लोग जान गंवा चुके हैं, 17 घायल हुए हैं।
इस दूरस्थ इलाके में भले ही पंचेश्वर (किमतोली) कोतवाली है, लेकिन पुलिस व परिवहन विभाग का चेकिंग अभियान बेहद कम चलता है। ओवरलोडिंग, वाहनों का फिटनेस न होना और तेज ड्राइविंग आम है। इस साल पहली जनवरी को मडलक के पास एक जीप खाई में गिर गई थी। जिसमें चार नेपाली सहित छह लोगों की मौत हुई। चार सितंबर को मटियानी के पास हुई दुर्घटना में एसएसबी के तीन जवान सहित चार लोगों की मौत और दो यात्री घायल हुए। 27 दिसंबर को डुंगराबोरा में सड़क दुर्घटना में 5 लोग घायल हो गए। एआरटीओ रश्मि भट्ट का कहना है कि विभाग में स्टाफ की कमी है। विभाग की प्राथमिकता व्यस्त सड़कों पर चेकिंग करने की रही है। इसके चलते दूरदराज के रूटों पर चेकिंग कम हो पाती है।